केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का दूसरा बजट सोमवार को पेश कर दिया. बजट में किसानों, शिक्षा, स्किल डेवलमेंट के लिए कई घोषणाएं की गयी है. लेकिन करदाताओं को कोई बड़ी राहत नहीं दी गयी है.
दिघलबैंक : मोदी सरकार ने वित मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2016-17 का बजट संसद में पेश किया. जिस पर प्रभात खबर ने आम आदमी से प्रतिक्रिया जाननी चाही तो लोगों ने अपने-अपने विचार बेवाकी से रखें.
कमल अग्रवाल, व्यवसायी
हरूवाडांगा निवासी व्यापारी कमल अग्रवाल ने कहा आम बजट इस बार काफी संतुलित है. इस बजट में काफी कुछ दिया गया है. कुल मिलाकर अपेक्षा से अधिक फायदे का बजट बनाया गया है.
रामेश्वर प्रसाद भगत, समाजसेवी
तुलसिया निवासी रामेश्वर प्रसाद भगत ने साफगोई से अपनी बात रखते हुए कहा कि देश की चहुंमुखी विकास के लिए बनायी बजट है. इससे गरीबों के लिए मकान, दवा व किसानों के हित को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
गोपाल चौधरी, समाज सेवी
दिघलबैंक निवासी गोपाल चौधरी ने कहा कि यह बजट गरीबों व मध्यम मध्यमवर्ग के पाकेट काटने वाली है. यह बजट लुभावना है लेकिन इससे किसी को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है. एक तरफ गरीबों के हित में रख कर बजट बनाया गया है वहीं सर्विस टैक्स वृद्धि करने से लोगों पर और भी बोझ बढ़ेगा.
अभिषेक चौधरी, व्यवसायी
अभिषेक चौधरी ने कहा कि यह ऐतिहासिक बजट है खास कर नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत प्रति परिवार एक लाखरुपये का बीमा लाभ बहुत बड़ी घोषणा है.
रामेश्वर लाल गणेश, किसान
टप्पू निवासी रामेश्वर लाल गणेश ने कहा कि देश के विकास के हित में बनाया गया यह बजट काफी संतुलित है. इसमें गरीब वर्ग से लेकर आम लोगों के हित का पूरा ख्याल रखा गया है.
विमलेश कुमार छात्र
विमलेश कुमार ने कहा कि इस बार का बजट से आम लोगों के पाकेट का बोझ बढ़ेगा. यह बजट किसान विरोधी व छात्र विरोधी है. किसानों का तो थोड़ा बहुत ध्यान रखा गया है पर छात्रों के लिए कुछ भी नहीं है.
