किशनगंज : झूठे मुकदमे में विगत सात माह से जेल की सजा भुगत रहे विचाराधीन एक कैदी की ओर से अपनी जल्द रिहाई की मांग को ले विगत 23 फरवरी से भूख हड़ताल पर जाने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
हालांकि भूख हड़ताल पर अडिग रहने के कारण जब कैदी की तबीयत काफी बिगड़ गयी तो मंडल कारा प्रशासन ने उसे इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया. परंतु भर्ती रहने के दौरान भी रणवीर कुमार यादव पिता खेत यादव, ढिवरी ठाकुरगंज ने न तो अन्न ग्रहण किया और न ही जल. नतीजतन सदर अस्पताल के चिकित्सक लगातार जीवन रक्षक दवाओं का स्लाइन के सहारे उसके शरीर में प्रवेश कराने को बाध्य हो गये है.रविवार को अचानक रणवीर ने जब स्लाइन लगाने से साफ इनकार कर दिया तो उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे समझाने बुझाने का काफी प्रयास किया परंतु रणवीर अपनी जिद पर अडिग था.
अंतत: सदर अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से घटना की जानकारी रणवीर के परिजनों को दे दिये जाने के बाद रविवार को ठाकुरगंज नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि नवीन यादव व रणवीर की मां सदर अस्पताल पहुंची और उसे मनाने का भरपुर प्रयास किया. परंतु रणवीर ने अपनी रिहाई तक भूख हड़ताल तोड़ने से साफ मना कर दिया.
हालांकि परिजनों की ओर से समझाये बुझाये जाने के बाद उसने दवा लेना प्रारंभ कर दिया. घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार ठाकुरगंज के पूर्व प्रमुख मुस्ताक आलम की पत्नी असमा खाततु गत 24 जून 2015 को जब अपने मायके से रुपये लेकर घर वापस लौट रही थी तो रणवीर यादव ने अपने घर के निकट अचानक उन पर हमला बोल दिया था और थैले में रखे 5 हजार रुपये सहित गहनों की लूट कर ली थी. वहीं आसमा को बचाने आये मो माजिद, जुड़ाधारी निवासी पर हमला बोल उसे भी गंभीर रूप से घायल कर दिया था. घटना के पश्चात पीडि़ता के लिखित शिकायत के आधार पर ठाकुरगंज थाना में कांड संख्या 179/15 दर्ज कर पुलिस ने आरोपी रणवीर यादव को भादवि की धारा 341, 323, 324, 379, 354, 504 के तहत गिरफ्तार कर गत 1 जुलाई 14 को न्यायिक हिरासत में जेल भेेज दिया था.
जहां तब से रणवीर अपनी रिहाई का इंतजार कर रहा था. हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर रणवीर ने कहा कि उसे एक साजिश के तहत फंसाया गया है. उसने कहा कि घटना के पश्चात उसने भी एसडीजेएम की अदालत में पूर्व प्रमुख मुस्ताक आलम के विरुद्ध कांड संख्या 1136सी दर्ज कराया था. परंतु इस मामले में ठाकुरगंज पुलिस पूर्व प्रमुख को हिरासत में लेना तो दूर पूछताछ करने से भी बचती रही.
