किशनगंज : नियमानुसार 35 छात्र पर एक शिक्षक होना चाहिए. डाइस रिपोर्ट के अनुसार जिले में उर्दू पढ़ने वाले छात्रों की जनसंख्या के हिसाब से जिले में कुल 3944 उर्दू शिक्षक होना चाहिए. जिसमें 1892 उर्दू शिक्षक बहाल है. इसके अनुसार 2052 उर्दू शिक्षक की रिक्ति जिले में है. ऐसे में किस प्रकार शिक्षा विभाग द्वारा जिले में उर्दू शिक्षकों की रिक्ति 232 और बाद में अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद मात्र 529 रिक्ति दर्शाया गया है.
सांसद प्रतिनिधि प्रो शफी ने उक्त आशय की जानकारी देते हुए कहा कि यह सरासर जिले के उर्दू भाषी छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय है. प्रो शफी ने कहा कि जिले के टीईटी पास उर्दू बंगला अभ्यर्थियों की मांग जायज है. यदि 529 रिक्ति पर नियोजन किया जाता है तब भी जिले में 1523 रिक्ति शेष बच जाता है. 1523 रिक्ति के विरुद्ध नियोजन किया जाये तो जिले के पास उर्दू बंगला टीईटी पास 1000 अभ्यर्थियों का शत प्रतिशत नियोजन हो सकता है. प्रो शफी ने बताया कि इस मामले को लेकर सांसद मौलाना असरारूल हक कासमी डीइओ से वार्ता किया है और पूरे मामले को लेकर राज्य सरकार व शिक्षा विभाग को अवगत कराने का निर्देश दिया है.
