ब्रह्मपुत्र मेल से दो हत्या आरोपी पकड़े गये, स्टेशन पर रही अफरा-तफरी
किशनगंज : रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर रविवार प्रात: अप ब्रह्मपुत्र मेल के रूकते ही जीआरपी व आरपीएफ के साथ साथ पश्चिम बंगाल पुलिस फौरन हरकत में आ गयी और ट्रेन के जेनरल बॉगी में छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया. घटना के दौरान पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का […]
किशनगंज : रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर रविवार प्रात: अप ब्रह्मपुत्र मेल के रूकते ही जीआरपी व आरपीएफ के साथ साथ पश्चिम बंगाल पुलिस फौरन हरकत में आ गयी और ट्रेन के जेनरल बॉगी में छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया. घटना के दौरान पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया और पश्चिम बंगाल पुलिस गिरफ्तार लोगों को ले पश्चिम बंगाल के चोपड़ा की ओर रवाना हो गयी.
हालांकि घटना स्थल पर मौजूद पश्चिम बंगाल पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे. जबकि घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल पुलिस के हत्थे चढ़े मंसूर आलम व समसुद्दीन गत 19 जनवरी को चोपड़ा में घटित लूट व हत्या मामले के मुख्य आरोपी तथा घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे.
क्या था मामला : गत 19 जनवरी को चोपड़ा निवासी वरूण राय की बाइक के चपेट में आ जाने से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था. घटना से आक्रोशित मंसूर आलम व समसुद्दीन ने अपने अन्य साथियों की मदद से वरूण की जम कर पिटाई कर दी थी. घटना की जानकारी मिलने के उपरांत घटना स्थल पर पहुंची चोपड़ा पुलिस ने उन्हें इलाज हेतु इस्लामपुर अस्पताल में भर्ती करा दिया था जहां इलाज के क्रम में अचानक उनकी स्थिति बिगड़ जाने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिलीगुड़ी रेफर कर दिया था. इधर वरूण के एक राजनीतिक दल के सक्रिय कार्यकर्ता होने के कारण घटना के पश्चात पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था तथा रोषपूर्ण प्रदर्शनों का दौर भी प्रारंभ हो गया था. स्थानीय लोग मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे थे.
इधर सिलीगुड़ी में इलाजरत वरूण की तबीयत में कोई सुधार न होने पर उन्हें कोलकाता रेफर कर दिया गया था. जहां इलाज के क्रम में गत गुरुवार को अचानक उनकी मौत हो जाने के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गयी थी. घटना के विरोध में चोपड़ा व आस पड़ोस के बाजार को बंद करा दिया गया था. लगातार बढ़ते प्रदर्शनों के कारण पुलिस पर भी मामले के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ता जा रहा था.
इसी दरम्यान पश्चिम बंगाल पुलिस को दोनों आरोपियों के अजमेर शरीफ में छिपे होने की जानकारी मिली और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने अजमेर रवाना हो गयी. परंतु रविवार को आरोपी मंसूर आलम व समसुद्दीन के ब्रह्मपुत्र मेल में सफर करने व नेपाल भागने की फिराक में लगे रहने की जानकारी के बाद पुलिस ने स्थानीय जीआरपी व आरपीएफ की मदद से उन्हें स्थानीय रेलवे स्टेशन पर धर दबोचा.