किशनगंज : सोमवार प्रात: 4.35 बजे आये 6.7 तीव्रता के भूकंप के झटकों से किशनगंज की धरती कांप उठी. भीषण शीतलहरी के दौरान गर्म लिहाफ में दुबके जिले वासियों को भूकंप के झटके का एहसास होते ही वे किसी अनिष्ट की आशंका से वे कांप उठे और फौरन बिस्तर छोड़ खुले स्थानों की ओर भाग खड़े हुए.
थोड़े समय के अंतराल के बीच आये लगातार दो भूकंप के झटकों ने जिला वासियों को पूरी तरह से भयभीत कर दिया. चीखने-चिल्लाने के आवाजों के बीच जोर-शोर से मंदिर की घटियां बजा व शंखनाद कर स्थानीय लोग अचानक आयी प्राकृतिक आपदा से लोगों को सचेत करने लगे. हालांकि कुछ देर बाद झटकों के शांत होते ही जहां महिलाओं व बच्चों को घरों में प्रवेश करा दिया गया वहीं पुरुष घटना को लेकर आपस में चर्चा करने लगे.
इस दौरान पुरानी यादों का खौफ उनके चेहरों पर साफ झलक रहा था. हालांकि दीवार फटने जैसी शिकायतों के अलावा दिघलबैंक प्रखंड के गंधर्वडांगा िनवासी हरिशंकर साह की भूकंप के दहशत से हार्ट अटैक के कारण मौत हो गयी. स्थानीय फरिंगगोड़ा मदनीनगर स्थित मदरसा जामिया हुसैनिया में भूकंप के दौरान मची भगदड़ में कई छात्र घायल हो गये. हालांकि भूकंप का असर जिले के सड़क परिवहन पर न पड़ा परंतु रेल परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हो गया.
शहर होकर गुजरने वाली कंचनकन्या एक्सप्रेस जहां डेढ़ घंटा विलंब से चल रही थी वहीं शताब्दी एक्सप्रेस एक घंटा, गरीब रथ एक्सप्रेस 2 घंटा पदातिक एक्सप्रेस आधा घंटा, दार्जिलिंग मेल 2 घंटा, कोलकाता अलीपुरद्वार स्पेशल डेढ़ घंटा, कटिहार सिलीगुड़ी पैसेंजर डेढ़ घंटा विलंब से चल रही थी.
