इंट्री माफियाओं के खिलाफ चले अभियान का दिखा असर

किशनगंज : इंट्री माफियाओं के विरुद्ध चलाये गये अभियान के बाद किशनगंज बहादुरगंज मार्ग एवं ठाकुरगंज बहादुरगंज रोड से इंट्री माफिया गायब दिखे. ठाकुरगंज से सटे बंगाल की सीमा से चक्करमारी मोड़ से भी आगे कई किमी तक बेडमिशाली एवं गिट्टी लदे ट्रकों एवं डंफरों की लंबी लाइन लग गयी है. जिला पदाधिकारी पंकज दीक्षित […]

किशनगंज : इंट्री माफियाओं के विरुद्ध चलाये गये अभियान के बाद किशनगंज बहादुरगंज मार्ग एवं ठाकुरगंज बहादुरगंज रोड से इंट्री माफिया गायब दिखे. ठाकुरगंज से सटे बंगाल की सीमा से चक्करमारी मोड़ से भी आगे कई किमी तक बेडमिशाली एवं गिट्टी लदे ट्रकों एवं डंफरों की लंबी लाइन लग गयी है.

जिला पदाधिकारी पंकज दीक्षित के कड़े रूख के बाद वैसे प्रशासनिक अधिकारी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इंट्री माफियाओं से सांठगांठ कर ओवर लोड ट्रक को जिले की सीमा क्षेत्र को पार करने में मदद करते थे, वे भी तत्काल इंट्री माफिया से दूरी बनाये हुए हैं. वर्षों से चल रहे इंट्री के खेल पर पूर्व जिला पदाधिकारी अनिमेष कुमार पराशर ने लगाम लगाने में सफलता हासिल की थी. ओवर लोड ट्रक को पकड़ने के लिए श्री पराशर ने किशनगंज एवं बहादुरगंज में बेरियर लगवाया था.

श्री पराशर का तबादला होते ही इंट्री माफिया सहित कई सफेदपोश भी इंट्री के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गये हैं. इंट्री माफियाओं में भी वर्चस्व एवं रातों रात लखपति बनने के लिए प्रतिस्पर्द्धा होने लगी है. पूर्व नगर पार्षद एहतशाम अंजुम ने बताया कि पूरे प्रकरण में इंट्री माफियाओं ने इस अवैध धंधे से सुनियोजित मोटी रकम की उगाही का रास्ता बना रखा था. बहरहाल सख्त प्रशासनिक कदम के बाद लोगों में एक उम्मीद जगी है कि इंट्री माफिया अब फिर सिर नहीं उठायेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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