पशु विज्ञान महाविद्यालय की पहल पर पशुपालकों को बांटी गईं निःशुल्क दवाइयां, वैज्ञानिकों ने दिए वैज्ञानिक पशुपालन के गुरुमंत्र
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, अर्राबाड़ी द्वारा शुक्रवार को मदरसा चौक अर्राबाड़ी में ”किसान संवाद एवं पशु चिकित्सा शिविर” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के आयोजक सहायक प्राध्यापक डॉ प्रत्युष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता (डीन) डॉ चंद्रहास के दिशा-निर्देश में किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य पशुपालकों के घर-द्वार पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं को जानकर उनका त्वरित निराकरण करना है.59 पशुपालकों को मिला सीधा लाभ
कार्यक्रम की संयोजक डॉ आकृति ने बताया कि इस विशेष शिविर में क्षेत्र के 59 पशुपालकों ने हिस्सा लिया. शिविर के दौरान उनके 147 छोटे-बड़े पशुओं (मवेशियों) का स्वास्थ्य परीक्षण कर उचित उपचार किया गया. इसके साथ ही विभिन्न बीमारियों के निदान से संबंधित जरूरी दवाइयां, खनिज तत्व (मिनरल मिक्सचर) तथा कृमिनाशक (कीड़े की दवा) दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया.किसान संवाद में दी गयी वैज्ञानिक जानकारियां
मवेशियों को मौसमी बीमारियों से बचाने और उनके बेहतर स्वास्थ्य की देखरेख के तरीके बताए गए. पशुओं को समय पर कृमिनाशक दवाइयां देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया ताकि उनका शारीरिक विकास सही से हो सके. दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए उन्हें संतुलित आहार और पोषक तत्व देने की जानकारी दी गयी. पारंपरिक तरीकों के बजाय वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी गयी, जिससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ सके.स्थानीय पशुपालकों ने महाविद्यालय की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की. उन्होंने इसे ग्रामीण पशुपालन विकास की दिशा में एक बेहद उपयोगी कदम बताया. घर पर आकर पशुओं की बीमारी दूर करने व समस्याओं का समाधान करने के लिए ग्रामीणों ने वैज्ञानिकों एवं महाविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया.
