किशनगंज : सरकारी विद्यालयों के गुरुजी को अब मध्याह्न भोजन पकाने की जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी़ गुरुजनों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर लगाना होगा़ माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार ने नयी व्यवस्था के तहत शिक्षकों को एमडीएम की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है़ नयी व्यवस्था के तहत अब एमडीएम का संचालन विद्यालय शिक्षा समिति की दो पढ़ी लिखी महिलाएं करेंगी़
विद्यालय समिति की चयनित दो पढ़ी-लिखी महिलाएं संभालेंगी एमडीएम की जिम्मेदारी
किशनगंज : सरकारी विद्यालयों के गुरुजी को अब मध्याह्न भोजन पकाने की जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी़ गुरुजनों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर लगाना होगा़ माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में राज्य सरकार ने नयी व्यवस्था के तहत शिक्षकों को एमडीएम की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है़ नयी व्यवस्था के तहत अब […]

कैसे होगा एमडीएम का संचालन
विद्यालय शिक्षा समिति की दो पढ़ी महिला सदस्यों द्वारा मध्याह्न भोजन योजना का वित्तीय संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जायेगा़ दो महिला सदस्यों का चयन विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा किया जायेगा़ विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना खाते का संचालन उन्हीं दो चयनित महिला सदस्यों द्वारा किया जायेगा़
खाता का सत्यापन संबंधित प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा़ विद्यालय शिक्षा समिति के चयनित दो महिला सदस्यों के नाम से मध्याह्न भोजन संचालन हेतु एक अलग से संयुक्त खाता खोला जायेगा, जिसमें परिवर्तन मूल्य एवं अंडा, फल की राशि हस्तांतरित की जायेगी. पूर्व का खाता यथावत रहेगा़
विद्यालय के प्रधान शिक्षक, सहायक शिक्षक एक पंजी में बच्चों की वास्तविक संख्या विद्यालय प्रारंभ होने के एक घंटा के भीतर विद्यालय शिक्षा समिति के चयनित दो महिला सदस्यों को उपलब्ध करायेंगे, जिस पर प्रधान शिक्षक, सहायक शिक्षक एवं विद्यालय शिक्षा समिति के दो महिला सदस्यों का हस्ताक्षर होगा़ मध्याह्न भोजन बनाने हेतु विद्यालय में उपलब्ध कराये जाने वाले खाद्यान्न की प्राप्ति एवं रखरखाव भी विद्यालय शिक्षा समिति की दो सदस्यों द्वारा किया जायेगा़
विद्यालय के एक कमरे में खाद्यान्न रखने की व्यवस्था प्रधानाध्यापक द्वारा करायी जायेगाी, जिसकी चाबी विद्यालय शिक्षा समिति के दो महिला सदस्यों के पास रहेगाी मध्याह्न भोजन योजना संचालन हेतु चयनित दो महिला सदस्य पढ़ी लिखी होनी चाहिए, ताकि मध्याह्न भोजन पंजी एवं कैश बुक का संधारण कर सके़ं यदि उन्हें आवश्यकता हो तो प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधानाध्यापक आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे़
विद्यालय शिक्षा समिति की दो चयनित महिला सदस्यों को मध्याह्न भोजन योजना संचालन रख रखाव, मेनू, मानक, मात्रा एवं पंजी संधारण हेतु एक प्रशिक्षण की व्यवस्था संचालन आरंभ के पूर्व, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के द्वारा किया जायेगा़ मध्याह्न भोजन विद्यालय शिक्षा समिति के दो सदस्य से संचालन के संबंध में विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक बुलाने का दायित्व उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक का ही होगा़
प्रपत्र क दोनों चयनित महिला सदस्य द्वारा संधारित किया जायेगा, जिस पर दोनों चयनित महिला सदस्य एवं संबंधित प्रखंड के प्रखंड साधनसेवी का हस्ताक्षर होगा़ प्रपत्र क रसोइया सह सहायक की अनुपस्थिति विवरणी, अंडा, फल आदि से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में संबंधित प्रखंड के साधनसेवी द्वारा इकट्ठा कर एमआइएस में पूर्व की भांति प्रविष्टि की जायेगी.
मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित विद्यालय में अवशेष खाद्यान्न प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक दो चयनित महिला सदस्य को हस्तगत करा देंगे़ राशि संयुक्त खाता के माध्यम से उन महिला सदस्य को उपलब्ध कराया जायेगा़ मध्याह्न भोजन बनाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक चयनित दो महिला सदस्य को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे़
मध्याह्न भोजन चखने की प्रक्रिया पूर्व की भांति रहेगी एवं चयनित महिला सदस्य द्वारा सर्वप्रथम भोजन तैयार होने के बाद चखा जायेगा़ तत्पश्चात शिक्षा समिति के सदस्य, शिक्षक भोजन चखेंगे एवं पंजी में हस्ताक्षर करेंगे़
चयनित दो महिला सदस्यों से यह अपेक्षा रहेगी कि वे नि:स्वार्थ एवं पूरी निष्ठा की भावना से मध्याह्न भोजन योजना के कार्यों को पूर्ण करेंगी़ इसके लिए कोई पारिश्रमिक देय नहीं होगा़ पायलट योजना के रूप में जिस विद्यालय में चयनित दो महिला सदस्यों द्वारा मध्याह्न भोजन का संचालन आरंभ किया जायेगा़ उस विद्यालय में प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा संचालन कार्य स्थगित रहेगा, परंतु दोनों महिला सदस्यों को आवश्यक सहयोग देंगे़
विद्यालय में पूर्व से कार्यरत रसोइया सह सहायक के माध्यम से मध्याह्न भोजन बनाया जायेगा़ संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक को मध्याह्न भोजन योजना कार्यक्रम के संचालन से मुक्त किया जायेगा़ परंतु वे कार्यक्रम की मॉनीटरिंग करेंगे एवं देखेंगे कि बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध हो रहा है या नहीं.
मुजफ्फरपुर में दो विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद पूरे सूबे में किया लागू
जिला एमडीएम पदाधिकारी शिवशंकर मिस्त्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले यह योजना मुजफ्फरपुर में दो विद्यालयों में लागू की गई थी. इस योजना के सफल होने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया कि अब सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले आठवीं तक के बच्चों को विद्यालय शिक्षा समिति की दो महिलाएं ही भोजन उपलब्ध कराएंगी.
अर्थात अब गुरुजी को इस योजना से किसी तरह का लेना-देना नहीं होगा. उन्हें पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है. वे अब विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन पर ही ध्यान देंगे.