आजादी के इतने दिन बाद भी मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहा है पौआखाली राजस्व बाजार

पौआखाली : ठाकुरगंज प्रखंड में पौआखाली एक बड़ा राजस्व बाजार है इस राजस्व बाजार में छोटी बड़ी सैकड़ो दुकाने है बाजार की अधिकांशतः गलियाँ पक्की है किंतु बाजार के अंदर उन गलियों के किनारे किनारे जल निकासी के लिए नालों की कमी महसूस की जा रही है.प्रत्येक वर्ष बाजार का सरकारी स्तर पर डाक सुनिश्चित […]

पौआखाली : ठाकुरगंज प्रखंड में पौआखाली एक बड़ा राजस्व बाजार है इस राजस्व बाजार में छोटी बड़ी सैकड़ो दुकाने है बाजार की अधिकांशतः गलियाँ पक्की है किंतु बाजार के अंदर उन गलियों के किनारे किनारे जल निकासी के लिए नालों की कमी महसूस की जा रही है.प्रत्येक वर्ष बाजार का सरकारी स्तर पर डाक सुनिश्चित होता है जिसके माध्यम से सरकार दुकानदारों से राजस्व वसूलती है.

बाजार में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक शिक्षण संस्थान के अलावे आयुष्मान भारत योजना के तहत हेल्थ सेंटर की व्यवस्था है.एक उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक शाखा,शाखा डाकघर के अलावे प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक,आशा आदि संस्थाएं भी मौजूद है जिस कारण पौआखाली बाजार में काफी चहल पहल रहता है.लेकिन इतना सब होने के बावजूद यह राजस्व बाजार लाचार सिस्टम का शिकार बना हुआ है जिसकी सुधि लेने वाला शायद ही कोई नज़र आता हो.
कचरा प्रबंधन को लेकर ठोस उपाय की जरूरत
बाजार में लक्ष्मी चौक, हनुमान मंदिर चौक, चूड़ीपट्टी,गुदड़ी इत्यादि स्थानों में लगे गंदगी के अंबार से राहगीर रोज ही परेशान होते हैं जिसकी सुविधा के लिए कचड़ा प्रबंधन का कोई ठोस उपाय आजतक नहीं हो पाने के चलते बाजार का कचड़ा मोहल्लों की गलियों में ढ़ेर बनकर वातावरण को दूषित कर प्रदूषण फ़ैलाने लगे हैं. इमामबाड़ा चौक मोहल्ले की स्थिति तो बिल्कुल दयनीय है
यहाँ मोहल्ले के बीच ही मछली मंडी का कारोबार किया जाता है जिनके अवशेष और जल के सरांध से दिन रात बदबू फैली रहती है.व्यवसायी वर्ग अपने दूकान के कूड़ा करकट आदि को एक निश्चित जगह में नही फेंककर सड़क पर जहां तहां फेंकने को मजबूर है.इसलिए बाजार में कचड़ा प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
हाईमास्ट लाईट की हो रही मांग
बाजार में एक अदद हाईमास्ट लाईट की मांग हो रही है ताकी सम्पूर्ण बाजार को रातभर पर्याप्त रौशनी मिल सके और व्यवसायियों की दुकाने सुरक्षित रहे. गौरतलब है कि मुख्य सड़क के किनारे व मोहल्लों में ग्राम पंचायत स्तर से जिन स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था की गई है उनमें अधिकांशतः लाइटें ख़राब स्थिति में है जो बिलकुल बेकार पड़े हुए हैं.
बाजार की गलियाँ आज भी अंधकार में ही डूबा रहता है,कुछ दुकानदार अपनी दूकान के सामने बल्ब आदि लगाकर छोड़ देने की स्थिति में बल्ब की चोरी हो जाने के कारण बल्ब लगाना ही छोड़ दिया है जिस कारण बाजार में अँधेरा कायम रहता है.इसलिए यहाँ एक अदद हाईमास्ट लाईट की व्यवस्था हो जाए तो अंधेरापन की समस्या दूर हो जायेगी.
राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा का अभाव
पौआखाली बाजार,आसपास के दर्जन भर ग्राम पंचायतों के सैकड़ो गांवों की लाखों आबादी का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है जहाँ रोजाना लाखों रूपये का कारोबार होता है बावजूद यहाँ के व्यवसायी वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए एक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा तक सरकार नही स्थापित करवा सकी है जिसका आमजन को काफी मलाल है.
यहाँ के व्यवसायी को रुपयों के लेनदेन का कारोबार 3 किमी दूर स्थित ताराबाड़ी स्टेट बैंक या फिर 7 किमी दूर कादोगांव स्टेट बैंक में अकाउंट खोलकर करने को विवश है.वर्षों से एकमात्र यूबीजीबी शाखा के द्वारा व्यवसायियों को जो सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए वो नही कर पाने की स्थिति में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की घोर कमी महसूस की जाने लगी है.
जाम की समस्या से परेशानी
बाजार में मुख्य सड़क के किनारे बने नालों के अतिक्रमण से सड़क जाम की समस्या से राहगीर परेशान है व्यवसायी वर्ग भी जाम की समस्या से हैं त्रस्त. सड़क में ही लोग अपनी बाइक खड़ी कर सामान क्रय करते हैं इस दौरान दो बड़ी वाहन का क्रॉसिंग कर पाना बेहद मुश्किल कार्य होता है फलतः दोनों छोर पर जाम लग जाती है.
ऑटो टोटो और ठेला चालक सड़क पर ही अपने वाहन खड़ा कर सामान लोड करते हैं इस दौरान भी जाम की समस्या बनी रहती है.अस्पताल के निकट से लेकर लक्ष्मी चौक हनुमान मंदिर,रसिया मोड़,चूड़ीपट्टी व फुलबाड़ी तक लम्बा जाम अक्सर देखने को मिलती है.
क्या कहते हैं आम नागरिक
इस विषय पर स्थानीय आमजन का मानना है कि स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधिगण, व्यवसाय संघ और हाट ठीकेदार एक मसौदा तैयार कर इसके निराकरण हेतु सरकारी मुलाजिमो से भेंटवार्ता कर अपनी मांग रखें. साथ ही लोकसभा और विधानसभा के सदस्यगण को भी इसकी लिखित जानकारी देकर सहयोग की मांग करें तो उम्मीद है काफी समस्याओं का हल संभव है.

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