महंगे बालू के चलते शौचालय का काम लटका

किशनगंज : प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के मुखिया व वार्ड मेंबर अपने-अपने गांव के विकास को लेकर बहुत चिंतित दिखायी दे रहे हैं. मुखिया ने कहा कि कैसे करें हम गांव का विकास, जब बालू सोने से भी ज्यादा महंगा हो गया है. हम लोगों को 2019 तक सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करना […]

किशनगंज : प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के मुखिया व वार्ड मेंबर अपने-अपने गांव के विकास को लेकर बहुत चिंतित दिखायी दे रहे हैं. मुखिया ने कहा कि कैसे करें हम गांव का विकास, जब बालू सोने से भी ज्यादा महंगा हो गया है. हम लोगों को 2019 तक सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करना है, लेकिन इस समय की सबसे बड़ी समस्या बालू को लेकर है. जब बालू ही नहीं मिलेगा तो कैसे बनेगा शौचालय. सरकार की तरफ से प्रति शौचालय पर 12,000 रुपये मिलने का प्रावधान है,

अगर हम बालू खरीदते हैं तो चार हजार से पांच हजार प्रति ट्रॉली बालू की कीमत है. बालू के आसमान छूते दाम के कारण शौचालय निर्माण में तमाम तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है. जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष फकरे आलम, सिंघिया कुलामनी ग्राम पंचायत के मुखिया शिव लाल दास, रहमतून निशा, मो इशहाक, राजेंद्र पासवान, नूर मोहम्मद ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करा कर पूरे क्षेत्र में बालू की समस्या को दूर कराने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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