कथावाचक अमन शास्त्री का पौआखाली पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत पौआखाली श्रीधाम अयोध्या के प्रख्यात धार्मिक कथावाचक अमन शास्त्री जी महाराज का बुधवार की संध्या पौआखाली आगमन हुआ. नगर के महावीर मंदिर धर्मशाला पहुंचने पर स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और धर्म प्रेमियों ने पुष्पमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया एवं चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया. पत्रकारों से वार्तालाप के दौरान महाराज ने आध्यात्मिक चेतना और समाज पर कथाओं के प्रभाव पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भेदभाव, छुआछूत को दूर कर सामाजिक समरसता और सनातन को एकता में पिरोने का एक सशक्त माध्यम है यह लोगों को आपस में जोड़ने का कार्य करती है. उन्होंने श्रीमद्भागवत और श्रीराम कथा के मूल अंतर को समझाते हुए कहा कि जहां भागवत कथा भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं का वर्णन करती है, वहीं श्रीराम कथा पूरी तरह से चरित्र निर्माण पर आधारित है. मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जीवन हमें आदर्श जीवन जीने की कला सिखाता है और वर्तमान समय में एक सभ्य समाज के लिए श्रीराम कथा के माध्यम से चरित्र निर्माण अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा स्वयं को सनातनी कहना हिंदू कहना ही काफी नहीं है बल्कि हमें अपने धर्म का सही ज्ञान होना चाहिए जो कथा से ही संभव है. गौरतलब है कि अमन शास्त्री महाराज हाल ही में दिघलबैंक प्रखंड के मंगुरा में आयोजित कथा कार्यक्रम को संपन्न कर यहां पहुंचे थे. विश्राम के उपरांत वे ठाकुरगंज के लिए प्रस्थान कर गए, जहां बेसरबाटी के पिपरीथान में उनके मुखारविंद से आयोजित होने वाली भव्य ””श्रीराम कथा”” में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे. इस अवसर पर स्थानीय मंदिर कमिटी के सदस्य और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी विमल पोद्दार, सुशील सोमानी, सुनील कुमार गुप्ता, संजीव कुमार साह, संतोष कुमार साह, पवन कुमार पाठक, अनूप माहेश्वरी, धनंजय सिंह, प्रतीम सिन्हा, शशिकांत पटेवा, पंकज साह मुख्य रूप से उपस्थित थें.
भेदभाव व छूआछूत को दूर करना सनातन को मजबूत करने का माध्यम
श्रीधाम अयोध्या के प्रख्यात धार्मिक कथावाचक अमन शास्त्री जी महाराज का बुधवार की संध्या पौआखाली आगमन हुआ
