दहेज हत्या मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास

दहेज के लिए पति ने 14 जुलाई 2015 को पत्नी की गला दबा कर कर दी थी हत्या किशनगंज : शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सत्येंद्र पांडेय ने दहेज-हत्या के मामले में आरोपित पति व सास को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जुलाई […]

दहेज के लिए पति ने 14 जुलाई 2015 को पत्नी की गला दबा कर कर दी थी हत्या

किशनगंज : शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सत्येंद्र पांडेय ने दहेज-हत्या के मामले में आरोपित पति व सास को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जुलाई 2015 को नूरी खातून की दहेज की खातिर गला दबाकर नृशंस हत्या कर उसे फंदे से लटकाकर आत्महत्या दर्शाने की कोशिश आरोपितों द्वारा की गयी थी. जानकारी मिलने पर नूरी खातून के पिता अब्दुल जब्बार अन्य परिजनों के साथ बेटी के ससुराल गये. पुलिस ने अब्दुल जब्बार के द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर प्राथमिकी संख्या 278/15 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया.
इस मामले मृतका के पिता अब्दुल जब्बार साकिन करबला ईदगाह बस्ती, मोतीबाग, थाना व जिला किशनगंज के निवासी है. इन्होंने अपनी पुत्री का विवाह डेढ़ वर्ष मो अकबर तेघरिया बेलगच्छी थाना किशनगंज के साथ किया था. उसके बाद पति अकबर और सास एहनुलिया खातून के द्वारा दहेज के रूप में 40 हजार रुपये की मांग की जाने लगी. किसी तरह 15 हजार रुपये उन्होंने आरोपितों को दिया. किंतु पूरा पैसा न मिलने से नाराज आरोपित उसे काफी प्रताड़ित करते हुए और अंतत: उसकी जान ही ले ली. इस मामले में दोनों पक्षों के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के अवलोकन व बहस को सुनने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपितों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. इस मामले में लोक अभियोजक सत्य नारायण प्रसाद साहा और अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साहा ने जोरदार दलील दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >