रौशन आनंद और खान सर विवाद में NHRC की एंट्री, पटना SSP को थमाया नोटिस, 2 हफ्ते में मांगा जवाब

Raushan Anand NHRC Action: रौशन आनंद और खान सर के बीच विवाद मामले में अब NHRC की एंट्री हो गई है. एनएचआरसी की ओर से पटना एसएसपी को नोटिस थमाया गया है. इसके साथ ही दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा गया है.

Raushan Anand NHRC Action: ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद जेल से बाहर आ गए हैं. लेकिन विवाद अभी भी थमता हुआ नहीं दिख रहा है. जेल से बाहर आते ही उन्होंने खान सर पर गंभीर आरोप लगाए थे. अब इस मामले में एनएचआरसी की एंट्री हो गई है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पटना एसएसपी को लेटर लिखा है और दो हफ्ते में जवाब मांगा है.

विशाल रंजन दफ्तुआर ने लिखा NHRC को लेटर

जानकारी के मुताबिक, रौशन आनंद के लिए मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने पहल की. उन्होंने 10 जून को ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लेटर लिखा था, जिस पर एक्शन लिया गया है. प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की खंडपीठ ने इस संवेदनशील मामले में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम,1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है.

आयोग ने माना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों के उल्लंघन प्रतीत होते हैं. ऐसे में पटना एसएसपी को मामले की जांच कर दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है.

विशाल रंजन दफ्तुआर ने लेटर में क्या-क्या लिखा?

मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे गये लेटर में लिखा कि पटना के ज्ञान बिन्दु कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद को फैजल खान की शह पर पटना पुलिस के की ओर से एक आपराधिक मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और स्थानीय कदमकुआं थाना पुलिस के की ओर से उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया.

विशाल दफ्तुआर ने लिखा है कि कदमकुआं थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी कोचिंग निदेशक से जुड़े कुछ लोग दूसरे कोचिंग सेंटर( खान ग्लोबल स्टडीज) पर हमले, तोड़फोड़ और धमकी में शामिल थे. लेकिन उचित जांच और प्रत्यक्ष सबूत के अभाव के बावजूद पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई दंडात्मक प्रावधान लागू किए और एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के अंदर कोचिंग निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया.

एचआरयूएफ चेयरमैन ने लिखा है कि गिरफ्तार रौशन आनंद किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और पुलिस की कार्रवाई एकपक्षीय, मनमाना और पीड़ित रौशन आनंद के मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन थी. यह पुलिस की निष्पक्षता पर एक प्रश्न चिन्ह है और ऐसे में व्यक्ति के अधिकारों की सुरक्षा और उसकी गिरफ्तारी की वजह बनी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए. ऐसे में पटना एसएसपी की ओर से क्या कुछ रिपोर्ट भेजा जाता है, यह देखने वाली बात होगी.

रौशन आनंद ने खान सर पर लगाया था आरोप

जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने खान सर पर आरोप लगाया था. रौशन आनंद ने कहा था कि खान सर ने उनके भाई प्रिंस यादव की हत्या कराई. इतना ही नहीं, जेल में भी उनकी हत्या की साजिश की गई थी. उन्होंने यह भी कहा था कि धमकी मिली थी कि मैनेज नहीं किया गया तो भाई की हत्या करवा देंगे. खान सर ने साजिश के तहत फायरिंग कराई और फंसाया.

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Published by: Preeti Dayal

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