बहियार से घर लौटने के दौरान ट्रैक्टर पलटा, चालक की मौत, पुत्र गंभीर

खेत में खाद्य डालकर घर लौटने के दौरान गौछारी में हुई थी घटना

– खेत में खाद्य डालकर घर लौटने के दौरान गौछारी में हुई थी घटना महेशखूंट. बहियार से घर लौटने के दौरान ट्रैक्टर गौछारी में पलट गया. जिसके कारण ट्रैक्टर चला रहे मनोज चौरसिया व उनके पुत्र बुरी तरह जख्मी हो गये. जख्मी पिता पुत्र को इलाज के लिए बेगूसराय ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान इंद्रदेव चौरसिया के 50 वर्षीय पुत्र मनोज चौरसिया की मौत हो गयी. जबकि मनोज चौरसिया के 18 वर्षीय पुत्र प्रीतम कुमार का इलाज बेगूसराय में चल रहा है. घटना गुरुवार देर शाम की बताई जा रही है. बताया जाता है कि महेशखूंट थाना क्षेत्र के गौछारी वार्ड संख्या 7 निवासी इंद्रदेव चौरसिया के पुत्र मनोज चौरसिया ने अपने पुत्र प्रीतम कुमार को ट्रैक्टर पर खाद लोड कर खेत में खाद्य डालने में सहयोग करने के लिए ले गया था. खाद्य खेत में डालने के बाद पिता पुत्र ट्रैक्टर से घर वापस लौट रहे थे. घर से मात्र 200 मीटर पहले सड़क पर ठोकर रहने के कारण स्टेरिंग फेल हो गया. स्टेरिंग फेल होने के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर बगल के गड्ढे में पलट गया. ट्रैक्टर पलटते ही चालक सह किसान मनोज चौरसिया व उनके पुत्र प्रीतम कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गया. प्रीतम का का दहिना पैर का हड्डी टूट गया. दोनों पिता पुत्र को ग्रामीणों की मदद से घायल अवस्था में ट्रैक्टर से निकालकर डॉक्टर के यहां महेशखूंट निजी क्लीनिक लाया. महेशखूंट में डॉक्टर ने प्राथमिकी उपचार के बाद पिता पुत्र को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया. बेगूसराय में डॉक्टर बृजेश के क्लीनिक में इलाज के दौरान बीते रात मनोज चौरसिया की मौत हो गया. वही पुत्र प्रीतम कुमार का इलाज अभी भी वही चल रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही पत्नी ममता देवी व मौजूद दोनों पुत्र का रो-रो कर बुरा हाल हो गया. गांव में मातम पसर गया. घटना की जानकारी मिलते ही शुक्रवार की सुबह थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार अपने दलबल के साथ घटनास्थल पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. इधर, ग्रामीण संजय कुमार, दीपेश कुमार, गौछारी के सरपंच परमानंद चौरसिया ने मृतक के घर पहुंच कर पत्नी दोनों पुत्र व परिवार के लोगों को सांत्वना देते हुए गोगरी एसडीओ संजय कुमार एवं गोगरी अंचल अधिकारी दीपक कुमार से मृतक के परिजन को यथाशीघ्र सरकारी मुआवजा देने की मांग किया. संजय ने बताया कि मनोज चौरसिया खेती करते थे. खेती से ही परिवार का भरण पोषण होता था.

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By RAJKISHORE SINGH

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