छह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिला राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाण पत्र

छह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को मिला राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाण पत्र

उच्च गुणवत्ता स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर की जाती है रैंकिंग

गोगरी. सुदूर ग्रामीण इलाके के लोगों को घर के पास ही उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. इसके तहत जिले में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है. स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत इसका प्रमाणीकरण भी किया जा रहा है. जिले के छह आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण किया गया है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों को 70 प्रतिशत से अधिक अंक मिला है. राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी सूची के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉ चन्द्रप्रकाश, स्वास्थ्य प्रबंधक रूपक कुमार समेत सोंडीहा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सीएचओ अक्षय कुमार, एएनएम सीता कुमारी, सुधा कुमारी समेत स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने खुशी का इजहार किया है.

कई मानकों पर विशेषज्ञ टीम करती है मूल्यांकन

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों की टीम द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया गया है. इनमें उपलब्ध सेवाएं, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं. गोगरी के एचडब्ल्यूसी सोनडीहा को 83 प्रतिशत, अलौली के एचडब्ल्यूसी लदौरा को 77 प्रतिशत, बेलदौर के एचडब्ल्यूसी पनसलवा को 81 प्रतिशत, चौथम के एचडब्ल्यूसी सरैया को 81 प्रतिशत, खगड़िया के एचडब्ल्यूसी चन्द्रपुरा को 79 प्रतिशत एवं परबत्ता के एचडब्ल्यूसी पिपरालतीफ को 82 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ है.

सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप ढालना एनक्यूएएस का उद्देश्य

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप ढालना है. इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पूर्व निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया है. इन मानकों में साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, उपकरणों की स्थिति, उपचार की प्रक्रिया और रोगियों की संतुष्टि शामिल है. साथ ही, मानक संचालन प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल के पालन की भी जांच की जाती है.

कहते हैं प्रभारी

अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्रप्रकाश गोगरी सहित जिले के छह आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य स्तर से एनक्यूएएस प्रमाणित हो गया है. इसमें सभी स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है. केंद्रीय टीम की ओर से वर्चुअल या फिजिकल मोड में असेसमेंट किया जाएगा. इसके बाद प्रतिवर्ष हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को 1.26 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. इस राशि का व्यय एचडब्ल्यूसी के उन्नयन में किया जाएगा.

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By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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