संस्कृत दिवस:दुनिया की एकमात्र प्राकृतिक भाषा है संस्कृत

संस्कृत दिवस:दुनिया की एकमात्र प्राकृतिक भाषा है संस्कृत

प्रतिनिधि, खगड़िया

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खगड़िया में संस्कृत दिवस पर बुधवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया. वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रशेखरम् ने कहा कि दुनिया में प्रचलित 6300 भाषाओं को वैज्ञानिक विश्लेषण कर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि अन्य सभी भाषाएं कृत्रिम हैं. एकमात्र प्राकृतिक भाषा संस्कृत है. नासा ने यह भी कहा है कि कंप्यूटर की तकनीकी भाषा के लिए भी संस्कृत ही सर्वोत्तम है. उन्होंने कहा कि 22 सौ वर्ष पूर्व निर्मित चीन की दीवाल में लगे पत्थरों में चीन की भाषा, मन्दारिन और संस्कृत के शब्द खुदे हुए हैं. भारत से अमेरिका जाते समय जापान के प्राचीन मंदिरों में संस्कृत के श्लोक देखकर स्वामी विवेकानंद का मनोबल और बढ़ गया था. जापान व चीन में संस्कृत के अमिट शब्दों से साबित हो जाता है कि प्राचीन विश्व में संस्कृत विश्वभाषा थी.

जुलाई 1945 में प्रथम परमाणु बम परीक्षण उल्लेख करते हुए कहा कि वैज्ञानिक ओपेनहायमर ने परीक्षण स्थल पर गीता के आठवें अध्याय का दिवि सूर्य सहस्त्रस्य वाला श्लोक सुनाकर सहयोगी वैज्ञानिकों को परमाणु शक्ति की भयावहता और क्षमता को समझाया था. भारत में कांग्रेस के घटते जनाधार का विश्लेषण करते हुए वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि 28 दिसम्बर 1885 को मुम्बई के गोकुलदास संस्कृत काॅलेज में कांग्रेस की स्थापना हुई थी. अगले वर्ष कांग्रेस में कोलकाता अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर संस्कृत को आइसीएस की परीक्षा में एक विषय के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव ब्रिटिश सरकार को भेजा था. मौके पर प्रधानाचार्य मनोज कुमार, सचिव भरत सिंह जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चन्द्र जोशी आदि मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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