खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र अंतर्गत करुआ से बदला घाट जाने वाली मुख्य सड़क पर इन दिनों जाम की भीषण समस्या आम हो गई है. ब्रह्मा और बदला घाट के बीच स्थित धर्मकांटा के समीप सड़क किनारे भारी ट्रकों की लंबी कतार लगे रहने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. सड़क के दोनों ओर ट्रकों के खड़े रहने से रास्ता काफी संकरा हो गया है, जिससे राहगीरों और छोटे वाहन चालकों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वजन के इंतजार में सड़क पर कब्जा जमाए रहते हैं ट्रक
स्थानीय लोगों के अनुसार, धर्मकांटा पर ट्रकों का वजन कराने के लिए बड़ी संख्या में भारी वाहन बेतरतीब ढंग से सड़क के किनारे खड़े रहते हैं. सुबह से लेकर देर शाम तक ट्रकों की यह लंबी कतार जस की तस बनी रहती है. भारी वाहनों के कब्जे के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है, जिससे छोटे वाहनों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है. कई बार जब आमने-सामने से गाड़ियां आ जाती हैं, तो स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो जाती है और घंटों तक भीषण जाम लग जाता है. इस वजह से आम लोगों को काफी देर तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ता है.
दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर संकट
करुआ से बदला घाट जाने वाली यह सड़क इस क्षेत्र के कई प्रमुख गांवों को आपस में जोड़ती है, जिसके कारण यहां हर समय वाहनों का निरंतर आवागमन लगा रहता है. स्थानीय निवासी संजय कुमार, रामानंद कुमार, सतीश कुमार और रामचंद्र कुमार ने बताया कि सड़क किनारे ट्रकों की अवैध पार्किंग ने राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय वाहन चालकों का भी जीना मुहाल कर दिया है. हर दिन जाम में फंसने से न केवल लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या अन्य जरूरी वाहनों के भी फंसने का खतरा लगातार बना रहता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई जाम से निजात दिलाने की गुहार
सड़क पर रोजाना उत्पन्न हो रही इस गंभीर समस्या से आजिज आकर स्थानीय ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेते हुए धर्मकांटा के समीप सड़क किनारे ट्रकों को खड़ा करने पर रोक लगाने की मांग की है. इसके साथ ही लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की पार्किंग के लिए अलग से उचित व्यवस्था कराई जानी चाहिए ताकि मुख्य मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे और लोगों को रोज-रोज की जाम की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके.
