चौथम से धीरज सिंह बंटू की रिपोर्ट:
मुखिया योजनाओं की खुली पोल, जगह-जगह से टूटा नाला और सड़क
यह गंभीर समस्या पिपरा बाजार वार्ड संख्या छह स्थित भररिंधा जाने वाली मुख्य सड़क से बस्ती की ओर मुड़ने वाले मार्ग पर उत्पन्न हुई है. सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत बयां करते हुए स्थानीय निवासी गीता गुप्ता, प्रियंका कुमारी, अनिल कुमार और राजा कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले मुखिया योजना के तहत यहाँ जल निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया गया था. इसके बाद लगभग पांच वर्ष पूर्व दूसरी मुखिया के कार्यकाल में इस सड़क को बनवाया गया. लेकिन उचित देखरेख के अभाव में वर्तमान में यह सड़क और नाला दोनों ही जगह-जगह से पूरी तरह टूट चुके हैं. नाला ध्वस्त होने के कारण पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है और नाले का गंदा पानी बैक मारकर चौबीसों घंटे सड़क पर बह रहा है.
गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं मासूम बच्चे
सड़क पर बजबजाते नाले के पानी के कारण सबसे ज्यादा फजीहत स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि इसी जर्जर और जलजमाव वाले रास्ते से होकर प्रतिदिन दर्जनों बच्चे कोचिंग और स्कूल जाने को मजबूर हैं. कई बार बच्चे इस गंदे पानी में फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं और उनके कपड़े खराब हो जाते हैं. स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रशासन की इस अनदेखी के कारण आसपास के घरों में रहने वाले लोग नारकीय जीवन जीने को विवश हैं.
घर में पानी घुसने का डर, ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग
आगामी मॉनसून और बारिश के मौसम को देखते हुए पिपरा बाजार के वासियों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है. पप्पू कुमार, अमित कुमार, गुलशन कुमार, मिथुन कुमार, संजीत गुप्ता एवं मीठ्ठू गुप्ता ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यह गंदा पानी लोगों के आशियानों के भीतर घुस जाएगा. जलजमाव के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया, डेंगू और अन्य जलजनित संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है. तंग आकर ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों, प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जनहित को देखते हुए अविलंब सड़क और नाले का जीर्णोद्धार (मरम्मत) कराया जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय व्यवस्था से मुक्ति मिल सके.
