Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में सरकारी विद्यालयों में मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मध्य विद्यालय परबत्ता में रसोइया-सह-सहायकों का प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी गई. हाल के दिनों में मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद इस पहल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सरकारी स्कूलों में मिलने वाला मध्याह्न भोजन लाखों बच्चों के पोषण का आधार है. लेकिन यदि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही हो जाए तो इसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. यही वजह है कि परबत्ता में रसोइया-सह-सहायकों को विशेष प्रशिक्षण देकर प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अब मिड डे मील की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत आयोजित हुआ प्रशिक्षण
परबत्ता स्थित मध्य विद्यालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस प्रशिक्षण में प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों से एक-एक रसोइया-सह-सहायक ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना तथा रसोइयों को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों से अवगत कराना था.
भोजन बनाने से लेकर परोसने तक हर चरण की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई.
रसोइयों को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, भोजन वितरण, व्यक्तिगत स्वच्छता और रसोईघर की साफ-सफाई बनाए रखने के तरीके बताए गए. प्रशिक्षकों ने निर्देश दिया कि भोजन तैयार करने से पहले रसोईघर की सफाई सुनिश्चित करें, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और एक्सपायरी तिथि की जांच करें तथा केवल स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें.
इसके अलावा साफ एप्रन पहनने, भोजन बनाने से पहले और दौरान साबुन से हाथ धोने, नाखून छोटे रखने और सभी स्वच्छता मानकों का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया.
बच्चों की सुरक्षा के लिए बताए गए जरूरी उपाय
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि भोजन परोसने से पहले बच्चों के हाथ धुलवाना जरूरी है.
रसोइयों को निर्देश दिया गया कि बच्चों को हमेशा गर्म और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जाए. साथ ही भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत चखना पंजी में हस्ताक्षर करने की जानकारी भी दी गई.
आपातकालीन स्थिति में तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल, थाना और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए.
हालिया शिकायतों के बाद प्रशासन हुआ सतर्क
हाल के दिनों में जिले के कुछ विद्यालयों से मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. कुछ मामलों में भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल तक ले जाना पड़ा था.
इन्हीं घटनाओं के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए रसोइया-सह-सहायकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों को सुरक्षित भोजन मिल सके.
प्रशिक्षकों ने बताया क्यों जरूरी है गुणवत्तापूर्ण मिड डे मील
प्रशिक्षक कुमार मनीष, सूरजकांत प्रसाद और डीपीएम संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण योजना केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की योजना नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, नियमित विद्यालय उपस्थिति और सर्वांगीण विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसलिए भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता.
Khagaria News: गुणवत्तापूर्ण भोजन से बढ़ेगा बच्चों का विश्वास और स्वास्थ्य
शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बेहतर होगी. इससे न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि अभिभावकों का भी सरकारी विद्यालयों और प्रधानमंत्री पोषण योजना पर विश्वास मजबूत होगा.
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