मुख्य बातें:
मानसी (खगड़िया) से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Mansi Junction Approach Road: खगड़िया जिले के मानसी जंक्शन के उत्तरी छोर स्थित रैंक प्वाइंट पर बनाए गए एप्रोच पथ के निर्माण में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में तय गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई है. घटिया सामग्री के इस्तेमाल से सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन और संवेदक (ठेकेदार) के खिलाफ गहरा आक्रोश है.
एक साल बाद भी अधूरा है निर्माण, घटिया ईंटों का हुआ प्रयोग
- घटिया सामग्री का आरोप: जानकारी के अनुसार, मां दुर्गा कंस्ट्रक्शन (झारखंड) द्वारा मानसी जंक्शन के रैंक प्वाइंट के पूर्वी छोर से पूर्वी रेलवे केबिन ढाला तक एप्रोच पथ का निर्माण करीब एक साल पहले शुरू कराया गया था. आरोप है कि सोलिंग के कार्य में मानकों को ताक पर रखकर 3, 4 और 5 नंबर श्रेणी की बेहद कमजोर ईंटों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया.
- मिलीभगत की आशंका: ग्रामीणों ने इसे रेलवे के पैसों का दुरुपयोग बताते हुए विभाग के स्थानीय अभियंताओं और संवेदक के बीच मिलीभगत की आशंका जताई है. लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में ऐसी लापरवाही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है.
Mansi Junction Approach Road: बरसात सिर पर, दर्जनों गांवों के यात्रियों की बढ़ी चिंता
ईंट सोलिंग का कार्य एक वर्ष पूर्व पूरा होने के बावजूद एप्रोच पथ का बाकी निर्माण अब तक अधूरा लटका हुआ है. आगामी बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले आम लोगों और रेल यात्रियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
यह रैंक प्वाइंट सड़क बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी रास्ते से होकर दर्जनों गांवों के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए मानसी जंक्शन जाते हैं. अगर मानसून की बारिश से पहले इस अधूरी और घटिया सड़क की जांच कर इसे ठीक नहीं किया गया, तो पूरी सड़क धंस जाएगी. बरसात में यहां भयंकर कीचड़ और जलजमाव होगा, जिससे स्टेशन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का पैदल चलना भी दूभर हो जाएगा.
ग्रामीणों ने पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के वरिष्ठ रेल अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर सख्त विधिक कार्रवाई करने और जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण पूरा कराने की पुरजोर मांग की है.
