मनुष्य को ग्रहण व त्याग करने की भी है शक्ति: असंगदेव

मनुष्य को ग्रहण व त्याग करने की भी है शक्ति: असंगदेव

मानसी. प्रखंड के राजाजान गांव स्थित कबीर मठ के समीप दो दिवसीय सुखद सत्संग शनिवार को संपन्न हो गया. सुखद सत्संग में राष्ट्रीय संत श्री श्री असंगदेव ने श्रद्धालुओं को प्रवचन के दौरान कहा कि मनुष्य में दो क्षमता मौजूद है, किसी चीज को ग्रहण करने की ओर, दूसरा किसी भी चीज को त्याग करने की. उन्होंने कहा कि प्रेम से बढ़कर कोई चीज नहीं है. संत असंगदेव ने कहा कि ईश्वर की नित्य भजन कीर्तन भी मनुष्य को करना चाहिए. कहा कि लोग सुख शांति, दूसरे के थैले में खोजता है, जहां उसको प्राप्त नहीं होता है. सत्संग शुरू होने से पहले भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ बीस सूत्री सदस्य राजाराम सिंह, गोपाल चौधरी ने आशीर्वाद प्राप्त किया. वहीं डॉ सलील कुमार द्वारा संत असंगदेव महाराज को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, जबकि गंगा सफाई अभियान में अपनी सहभागिता निभाने वाली गिरजा देवी को आयोजक द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. मौके पर पूर्व विधायक पूनम देवी यादव, जदयू नेत्री अनुराधा कुमारी, आयोजक सचिव सिकंदर आजाद वक्त, सरपंच मनोज कुमार, उपमुखिया राकेश कुमार सिट्टु, सुनील कुमार उर्फ बबलू सिंह, सुशांत कुमार, इन्द्रदेव यादव, बकतौर यादव, मोहन यादव, छंगुरी तांती सहित आदि उपस्थित थे.

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By RAJKISHORE SINGH

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