Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मड़ैया में मध्याह्न भोजन योजना (PM POSHAN) के संचालन में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. निरीक्षण के दौरान दर्ज उपस्थिति और वास्तविक मौजूद बच्चों की संख्या में बड़ा अंतर मिला, जिसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), पीएम पोषण योजना ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया है.
17 जुलाई 2026 को किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि विद्यालय में कुल 1130 नामांकित छात्रों के विरुद्ध 709 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई थी, लेकिन भौतिक सत्यापन के समय केवल 390 बच्चे ही मौजूद मिले. इस अंतर ने विद्यालय में उपस्थिति और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दर्ज उपस्थिति और वास्तविक संख्या में बड़ा अंतर
निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय के अभिलेखों में 709 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 390 बच्चे पाए गए.
शिक्षा और पोषण योजनाओं के विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार का अंतर केवल उपस्थिति व्यवस्था ही नहीं, बल्कि मिड-डे मील के वास्तविक वितरण और सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी सवाल खड़ा करता है.
मिड-डे मील के रजिस्टर अधूरे मिले
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि निरीक्षण के समय मध्याह्न भोजन योजना की पंजी संधारित नहीं पाई गई.
इसके अलावा चखना पंजी केवल 6 जुलाई 2026 तक ही अद्यतन मिली. इससे यह संकेत मिलता है कि योजना से संबंधित अभिलेखों का नियमित संधारण नहीं किया जा रहा था.
अंडा और फल वितरण पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान उपस्थित बच्चों से पूछताछ की गई. छात्रों ने बताया कि प्रत्येक शुक्रवार को अंडा या मौसमी फल नियमित रूप से नहीं दिया जाता है.
यह बिंदु विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है.
बरामदे में भोजन, साफ-सफाई का अभाव
निरीक्षण टीम ने यह भी पाया कि बच्चों को बरामदे में बैठाकर मध्याह्न भोजन कराया जा रहा था.
जहां बच्चे भोजन कर रहे थे, वहां साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी. रिपोर्ट में उस स्थान पर स्वच्छता के घोर अभाव का उल्लेख किया गया है, जो खाद्य सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य दोनों के दृष्टिकोण से गंभीर माना जा रहा है.
प्रधानाध्यापक से मांगा गया स्पष्टीकरण
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना, खगड़िया ने इन सभी बिंदुओं को विद्यालय संचालन और मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही मानते हुए प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है.
पत्र में निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के भीतर मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित अंडा और मौसमी फल वितरण पंजी की सत्यापित छायाप्रति कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए.
Khagaria News: कार्रवाई की चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय स्तर पर इस मामले को गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि मिड-डे मील योजना का उद्देश्य विद्यालयी बच्चों को पोषण, उपस्थिति और शिक्षा से जोड़कर रखना है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि विद्यालय प्रशासन क्या जवाब देता है और जिला शिक्षा विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है.
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