मनमानी: एजीएम व ठेकेदार की लापरवाही से मई माह के अनाज से वंचित रहेंगे लाभुक

डीलरों को 20 मई तक इस माह का अनाज उठाव करने का था आदेश

डीलरों को 20 मई तक इस माह का अनाज उठाव करने का था आदेश

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जून में अगस्त का भी खाद्यान्न वितरण लग सकता है ग्रहण

खगड़िया. इस माह का खाद्यान्न लाभुकों के बीच 20 मई तक डीलरों को वितरण करने का आदेश दिया गया था, लेकिन अब तक लाभुकों के बीच मई माह का खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया है. डीलरों द्वारा लाभुकों को टाल-मटोल किया जा रहा है. प्रतिदिन लाभुक डीलरों की दुकान से खाद्यान्न के लिए चक्कर लगा रहे हैं. जब निर्धारित तिथि 20 मई तक खाद्यान्न का वितरण लाभुकों के बीच नहीं हो पाया तो जून माह में अगस्त तक का खाद्यान्न वितरण पर शंका लाभुकों को हो रही है. जनवितरण प्रणाली विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने कहा कि सरकार कह रही है अगले तीन माह का खाद्यान्न उठाव कर जून तक में लाभुकों के बीच वितरण किया जाय. जबकि मई माह का निर्धारित तिथि पर अनाज डीलर को मिला ही नहीं तो वितरण कैसे किया जायेगा. यदि 20 मई तक डीलर को खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया तो अनाज लैप्स हो जाएगा. इस स्थिति में लाभुकों द्वारा डीलर के साथ मारपीट किया जा सकता है.

डीएसडी ठेकेदार व एजीएम पर लगा मनमानी का आरोप

एफएससी के डीएसडी ठेकेदार व एजीएम पर मनमानी का आरोप लगाया गया. जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज पटेल, जदयू जिला उपाध्यक्ष राजकुमार फोगला ने कहा कि एजीएम व डीएसडी ठेकेदार द्वारा किए जा रहे मनमानी का मुद्दा जिला 20 सूत्री की बैठक में उठाया जाएगा. मालूम हो कि तीन दिन के बाद जिला 20 सूत्री की बैठक होगी.

सरकार की योजनाओं को विफल करने की साजिश

जदयू नेता ने कहा कि एजीएम और ठेकेदार के मिली भगत से सरकार की योजनाओं को विफल करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को विफल करने की साजिश को बेनकाब किया जाएगा. कहा कि लगातार शिकायत मिल रही है कि लाभुकों के बीच बीते तीन माह से घटिया किस्म का चावल वितरण किया जा रहा है. निर्धारित तिथि के अंतिम समय में डीलरों को चावल उठाव करने को कहा जाता है. गोदाम पर दर्जनों की संख्या में डीलर पहुंच जाते हैं. जहां अनाज उठाव के लिए डीलरों की बीच आपा-धापी का माहौल बन जाता है. जिसका फायदा गोदाम पर तैनात कर्मी घटिया अनाज डीलरों के पास भेज दिया जाता है.

पशुओं को खाने लायक भी नहीं रहता है अनाज

लाभुक रूकमीणी देवी, कौशल्या देवी, देवरानी आदि ने बताया कि डीलरों द्वारा दिए जा रहे अनाज पशुओं के खाने लायक भी नहीं रहता है. अनाज से दुर्गंध फैलता है. इसके बावजूद डीलर द्वारा जबरन अनाज का वितरण कर दिया जाता है. शिकायत करने पर डीलरों द्वारा धमकाया जाता है. बताया जाता है कि गोदाम से ही खराब किस्म का अनाज आ रहा है तो वह क्या करेंगे.

कहते हैं जदयू नेता

जदयू के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार फोगला ने बताया कि लाभुकों के बीच घटिया किस्म का अनाज वितरण किए जाने की शिकायत बिहार सरकार के मंत्री से किया जायेगा. सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को विफल होने नहीं दिया जायेगा.

कहते हैं डीएसडी ठेकेदार

डीएसडी ठेकेदार प्रवीण चौधरी ने बताया कि चार दिन पहले अनाज गोदाम में उपलब्ध कराया गया है. गोदाम में कभी गेहूं रहता था तो चावल नहीं. चावल रहता था तो गेहूं उन्होंने कहा कि माह के अंतिम तारिक तक अनाज का उठाव होता था. पहली बार 20 मई तक खाद्यान्न उठाव करने के लिए तिथि निर्धारित की गयी. सत्यता की जांच शेड रजिस्टर से किया जा सकता है. इधर, एजीएम द्वारा फोन रिसीव नहीं किए जाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिला है.

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By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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