बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भागलपुर से राज्य के सभी नवनिर्मित डिग्री कॉलेजों का डिजिटल माध्यम से एक साथ उद्घाटन करेंगे. कुर्बन डिग्री कॉलेज में इस भव्य उद्घाटन कार्यक्रम के सजीव (लाइव) प्रसारण की व्यवस्था सुबह 11:00 बजे से की गई है. इस ऐतिहासिक पल की तैयारियों और मुस्तैदी को परखने के लिए गोगरी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार ने सोमवार को कॉलेज परिसर का सघन निरीक्षण किया और प्राचार्य को जरूरी निर्देश दिए.
लाइव प्रसारण में जुटेंगे छात्र, अभिभावक और जनप्रतिनिधि
उद्घाटन समारोह को भव्य और जन-भागीदारी से परिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी की गई है:
- एसडीओ के कड़े निर्देश: गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देशित किया है कि इस लाइव टेलीकास्ट के दौरान न केवल कॉलेज के छात्र-छात्राएं मौजूद रहें, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की उपस्थिति भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए.
- वैकल्पिक व्यवस्था बहाल: कॉलेज में सुचारू रूप से कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए सभी जरूरी तकनीकी और बैठक व्यवस्थाओं को मुस्तैद कर लिया गया है.
नामांकन 15, लेकिन शिक्षकों का टोटा; बुनियादी समस्याओं से घिरे प्राचार्य
निरीक्षण के दौरान कॉलेज के प्राचार्य जैनेंद्र सिंह ने अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष नवस्थापित कॉलेज की कई व्यावहारिक और बुनियादी प्रशासनिक कठिनाइयों को प्रमुखता से रखा:
- अधूरी चहारदीवारी: बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण परिसर की सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों के रख-रखाव को लेकर बड़ी चिंता बनी हुई है.
- संसाधनों की घोर कमी: कॉलेज में अब तक 15 छात्र-छात्राओं का दाखिला हो चुका है, लेकिन नियमित प्राध्यापकों (शिक्षकों) की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है. इसके अलावा शुद्ध पेयजल, आरओ फिल्टर, आलमारी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं भी नदारद हैं, जिन्हें फिलहाल प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कुर्बन से उधार लेकर चलाया जा रहा है.
समस्याओं का जल्द होगा स्थायी समाधान: SDO
कॉलेज प्रशासन द्वारा उठाई गई जायज मांगों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर गोगरी अनुमंडल अधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाया है:
"कुर्बन में डिग्री कॉलेज की स्थापना इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के उच्च शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. चहारदीवारी, शिक्षकों की कमी और संसाधनों से जुड़े जो भी मामले प्राचार्य द्वारा ध्यान में लाए गए हैं, उनका जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के समन्वय से बहुत जल्द स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा. संबंधित विभागीय अभियंताओं और अधिकारियों को आवश्यक त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो." — संजय कुमार, SDO, गोगरी अनुमंडल
