Khagaria POCSO Case: खगड़िया में पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिए गए अभियुक्त को तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और चार्जशीट के आधार पर यह फैसला सुनाया. मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश 06 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ऋषि चंदन की अदालत में हुई.
विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला
जानकारी के अनुसार नगर थाना कांड संख्या 966/23 और पॉक्सो केस संख्या 53/24 के नामजद अभियुक्त अमरनाथ गुप्ता को दोषी पाया गया. अभियुक्त अमरनाथ गुप्ता, स्वर्गीय अनंत लाल साह के पुत्र हैं और खगड़िया नगर थाना क्षेत्र के मुर्गियाचक वार्ड संख्या 17 के निवासी हैं.
न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत उन्हें तीन वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने यह निर्णय पुलिस जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और समर्पित चार्जशीट के आधार पर दिया.
पुलिस की जांच और साक्ष्य बने आधार
मामले में पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी. अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना. इन्हीं आधारों पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई.
Khagaria POCSO Case: विशेष लोक अभियोजक की रही अहम भूमिका
अभियुक्त को सजा दिलाने की प्रक्रिया में विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार रमण की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्यों और कानूनी पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिसके बाद अदालत ने दोषसिद्धि और सजा का आदेश पारित किया.
पॉक्सो अधिनियम के मामलों में त्वरित जांच, साक्ष्यों का प्रभावी संकलन और समय पर चार्जशीट दाखिल करना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. खगड़िया की विशेष अदालत का यह फैसला इसी प्रक्रिया के तहत आया है.
