Khagaria news: खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट:
पंचायत सचिवों की हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का कार्य प्रभावित होने लगा है. आम लोगों की परेशानी को देखते हुए बिहार सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. अब पंचायत सचिवों की हड़ताल अवधि के दौरान संबंधित प्रखंड के बीडीओ या प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेंगे.
इस संबंध में सरकार के निदेशक सह मुख्य रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु रंजीत कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं. जारी निर्देश में कहा गया है कि जन्म और मृत्यु की घटनाओं का रजिस्ट्रीकरण जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के तहत सीआरएस रिवैंप पोर्टल के माध्यम से किया जाता है.
सरकार के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण के लिए योजना एवं विकास विभाग, बिहार द्वारा पंचायत सचिवों को संबंधित पंचायत क्षेत्र के लिए रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु अधिसूचित किया गया था. लेकिन वर्तमान में पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं, जिसके कारण रजिस्ट्रीकरण कार्य बाधित हो रहा है और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
निर्देश के मुताबिक हड़ताल अवधि में पंचायत सचिव के कार्यों का प्रभार संबंधित प्रखंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को सौंपा जाएगा. वहीं जिन प्रखंडों में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी पदस्थापित नहीं हैं, वहां यह जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ निभाएंगे. सरकार का उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण कार्य को सुचारू रूप से जारी रखना है ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो.
हड़ताल समाप्त होने के बाद पूर्व की तरह पंचायत सचिव ही जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का कार्य करेंगे.
इस संबंध में गोगरी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद ने कहा कि सरकार आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रही है ताकि जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े कार्य प्रभावित न हों और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
