Khagaria Gogri Boat Ambulance: खगड़िया के गोगरी प्रखंड में बाढ़ ने जहां कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित कर दिया है, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए बोट एंबुलेंस अब बड़ा सहारा बन रही है. पानी से घिरे और सड़क मार्ग से कटे इलाकों में मरीजों को इलाज के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें नाव के सहारे गांवों और टोलों तक पहुंच रही हैं. दो बोट एंबुलेंस के साथ आधे दर्जन से अधिक मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं. अब तक हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और जरूरत के अनुसार उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के साथ दवाएं भी उपलब्ध करायी गयी हैं.
सड़क संपर्क टूटा तो बोट एंबुलेंस बनी सहारा
गोगरी प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है. कई जगह सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है. ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग ने नौका एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल टीमों और चिकित्सा सामग्री को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है. इससे उन परिवारों तक भी स्वास्थ्य सुविधा पहुंच रही है, जो बाढ़ के कारण सामान्य परिवहन व्यवस्था से कट गये हैं.
स्वास्थ्यकर्मी नाव के जरिए गांवों और टोलों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रहे हैं. बीमारी के लक्षण मिलने पर मौके पर ही चिकित्सकीय सलाह दी जा रही है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. आपात स्थिति में गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान या स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में भी बोट एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है.
गोगरी और बौरना में तैनात हैं दो बोट एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गोगरी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गोगरी और बौरना इलाके में दो बोट एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है. जलजमाव और कठिन आवागमन के बीच स्वास्थ्यकर्मी लगातार प्रभावित गांवों और टोलों तक पहुंच रहे हैं. टीमों का काम सिर्फ मरीजों की जांच करने और दवा बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रमण, बुखार, दस्त और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. दूषित पानी और असुरक्षित भोजन से भी बीमारी फैलने की आशंका रहती है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जीवन रक्षक और जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार तैयार रखा है. फील्ड में जाने वाली मेडिकल टीमें अपने साथ आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सामग्री लेकर पहुंच रही हैं, ताकि जरूरतमंदों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
हजारों लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची मेडिकल टीमों ने अब तक हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की है. जांच के दौरान बीमारी के संभावित लक्षणों की पहचान के साथ लोगों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया. जरूरत के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध करायी गयीं. स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बाढ़ के कारण पैदा होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान हो और मरीजों का उपचार शुरू किया जा सके.
जिन मरीजों की स्थिति गंभीर या जटिल है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. बाढ़ के दौरान पहले से बीमार लोगों के लिए नियमित दवा की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है. इसलिए मेडिकल टीमों के माध्यम से ऐसे मरीजों को आवश्यक दवा और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर खास नजर
बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाएं, नवजात, छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन वर्गों पर विशेष नजर रख रही हैं. गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के साथ आवश्यक जांच और परामर्श दिया जा रहा है. प्रसव की संभावित तिथि के करीब पहुंच चुकी महिलाओं की पहचान कर जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
वहीं बच्चों और शिशुओं में बीमारी के लक्षणों की पहचान तथा जरूरी उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है. बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को नियमित दवा तथा चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
Khagaria Gogri Boat Ambulance: इलाज के साथ साफ पानी और स्वच्छता की भी दी जा रही जानकारी
गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश और प्रबंधक रूपक कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की भूमिका केवल स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण तक सीमित नहीं है. लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पानी के इस्तेमाल, भोजन की गुणवत्ता और संक्रमण से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है.
लोगों को दूषित पानी पीने से बचने, पानी को सुरक्षित बनाकर इस्तेमाल करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य टीम या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है. बाढ़ के बीच जब सड़कें और सामान्य परिवहन व्यवस्था लोगों की पहुंच से दूर हो गयी हैं, ऐसे समय में बोट एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग और बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आयी है.
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