खगड़िया में कोसी का कहर,6 घर नदी में समाए,ग्रामीण बोले-नहीं जागा प्रशासन तो बह जाएगा गांव

Khagaria Flood News: चौथम के शिशवा गांव में कोसी नदी के तेज कटाव से छह घर नदी में समा गए. ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य, राहत और मुआवजे की मांग की.

खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट

Khagaria Flood News: कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर अब खगड़िया के गांवों पर कहर बनकर टूटने लगा है. चौथम प्रखंड के सरसावा पंचायत स्थित शिशवा गांव में रविवार सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसे देखकर ग्रामीणों की रूह कांप उठी. तेज कटाव के बीच देखते ही देखते छह परिवारों के घर कोसी नदी में समा गए. इसके बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग अपना सामान बचाने के लिए घर छोड़ने लगे.

कोसी नदी का कटाव

कटाव लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में ग्रामीणों को डर है कि यदि जल्द कटावरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ तो शिशवा गांव का बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है. प्रभावित परिवारों के सामने अब सिर छिपाने की जगह और रोजी-रोटी दोनों का संकट खड़ा हो गया है.

सुबह होते ही मचा हड़कंप, छह परिवार बेघर

रविवार सुबह कोसी नदी का तेज कटाव शिशवा गांव तक पहुंच गया. देखते ही देखते छह परिवारों के मकान नदी में समा गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

कोसी नदी के कटाव से प्रभावित परिवार

ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने लगे. कई परिवारों ने आशंका जताई कि यदि कटाव की रफ्तार नहीं थमी तो अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.

Khagaria Flood News: ‘अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा गांव खतरे में’

ग्रामीण सुरेश सिंह और रामपुकार यादव ने बताया कि कटाव तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है. उनका कहना है कि कई दिनों से प्रशासन को इसकी सूचना दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि तत्काल बोल्डर पिचिंग और अन्य कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो पूरा गांव बाढ़ और कटाव की चपेट में आ सकता है.

बेघर परिवारों के सामने राहत और पुनर्वास की चुनौती

छह घर नदी में समाने के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, सुरक्षित स्थान पर आश्रय और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए.

लोगों का कहना है कि कटाव के कारण गांव में भय का माहौल है और कई परिवार एहतियातन अपने घर खाली करने लगे हैं.

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से अपील की है कि शिशवा गांव में तत्काल टीम भेजकर स्थिति का आकलन किया जाए और युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू कराया जाए.

उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान और बढ़ सकता है. फिलहाल गांव में लोग हर पल नदी की ओर नजरें टिकाए हुए हैं और प्रशासनिक मदद का इंतजार कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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