खगड़िया से राज किशोर सिंह की रिपोर्ट.
International Day Against Drug Abuse: सिविल कोर्ट परिसर में शुक्रवार को माहौल कुछ अलग था. न्यायिक पदाधिकारी, कोर्ट कर्मी और अन्य लोग एक स्थान पर एकत्रित थे. लेकिन यह कोई न्यायिक कार्यवाही नहीं थी. यहां एक ऐसे संकल्प की गूंज सुनाई दे रही थी, जो सिर्फ अदालत की चारदीवारी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज को बदलने का संदेश दे रही थी. अवसर था नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस का, जब जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया.
सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों और अन्य उपस्थित लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार संजय कुमार-2 ने की.
आखिर क्यों जरूरी हो गया यह अभियान?
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं और समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है. इसका असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है.
उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सिर्फ कानून पर्याप्त नहीं है. जनजागरूकता और समाज की सामूहिक भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है. इसी उद्देश्य से यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
शपथ में लोगों ने क्या संकल्प लिया?
कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने यह शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे. साथ ही अपने परिवार, बच्चों और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे.
न्यायिक पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की कि नशे के खिलाफ समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा, तभी नशामुक्त समाज का सपना साकार हो सकेगा.
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मंडल कारा और पर्यवेक्षण गृह में भी चला अभियान
अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से मंडल कारा, खगड़िया और पर्यवेक्षण गृह, खगड़िया में भी विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए.
यहां प्रतिनियुक्त विधिक सहायता बचाव अधिवक्ताओं ने बंदियों और किशोर-किशोरियों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि नशा किस प्रकार सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा करता है.
युवाओं को दिया गया खास संदेश
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बंदियों और किशोरों को सकारात्मक एवं जिम्मेदार जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया. उन्हें समझाया गया कि नशे से दूर रहकर ही वे अपने जीवन और भविष्य को बेहतर बना सकते हैं.
कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया.
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