खगड़िया : गोगरी और परबत्ता में बाढ़ की स्थिति तथा गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाव परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. गोगरी एसडीओ संजय कुमार के निर्देश पर गोगरी और परबत्ता के विभिन्न घाटों पर दंडाधिकारी और पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. अधिकारी नावों के परिचालन, यात्रियों की संख्या और राहत सामग्री के परिवहन पर लगातार नजर रखेंगे.
निरीक्षण के दौरान कुछ नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों और सामान के परिवहन की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया है.
गोगरी के घाटों से परबत्ता तक होगी निगरानी
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गोगरी अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने गोगरी अनुमंडल के विभिन्न घाटों और मध्यवर्ती स्थलों पर 34 पदाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की है. वहीं परबत्ता प्रखंड के विभिन्न घाटों पर 22 अधिकारी और कर्मी तैनात किए गए हैं.
ये अधिकारी नियमित गश्त और निरीक्षण कर नाव परिचालन की स्थिति पर नजर रखेंगे. बाढ़ प्रभावित इलाकों में यात्रियों के आवागमन के साथ राहत सामग्री के सुरक्षित परिवहन को भी प्राथमिकता दी जा रही है.
ओवरलोडिंग मिली तो नाव संचालक पर होगी कार्रवाई
नाव परिचालन की सुरक्षा के मुख्य बिंदु
- गोगरी अनुमंडल में 34 अधिकारी-कर्मी किए गए प्रतिनियुक्त.
- परबत्ता प्रखंड के घाटों पर 22 अधिकारी-कर्मी रखेंगे निगरानी.
- नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर रोक.
- क्षमता से अधिक सामान मिलने पर भी कार्रवाई होगी.
- प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य.
- आपात स्थिति में बचाव के लिए महाजाल की उपलब्धता जरूरी.
- सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी.
एसडीओ संजय कुमार ने कहा कि प्रतिनियुक्त अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि नावों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही यात्रियों और सामान का परिवहन हो. क्षमता से अधिक यात्री या सामान मिलने पर नाव संचालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
लाइफ जैकेट और महाजाल के बिना नहीं चलेगी नाव
प्रशासन ने प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट और आपात स्थिति में बचाव के लिए महाजाल उपलब्ध रखना अनिवार्य किया है. निरीक्षण के दौरान अधिकारी इन सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनके इस्तेमाल की स्थिति भी देखेंगे.
प्रशासन का जोर बाढ़ के दौरान संभावित नाव दुर्घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर है.
राहत सामग्री के सुरक्षित परिवहन पर भी जोर
गोगरी से परबत्ता के बाढ़ प्रभावित विभिन्न घाटों तक नावों से यात्रियों के साथ राहत सामग्री का भी परिवहन किया जा रहा है. ऐसे में प्रशासन नावों की क्षमता, सुरक्षा उपकरण और परिचालन व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है.
जिला प्रशासन ने नाव संचालकों और यात्रियों से निर्धारित क्षमता के अनुसार ही नाव का परिचालन और उपयोग करने की अपील की है. साथ ही लाइफ जैकेट समेत सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा है. प्रशासन के अनुसार बाढ़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर निगरानी जारी रहेगी, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके.
