बकरियों को पीपीआर से बचाव को ले लगा टीका, 11 मार्च तक चलेगा अभियान
टीकों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन और आइस बॉक्स की व्यवस्था की गयी है
परबत्ता. पशुपालन विभाग द्वारा सभी प्रखंडों में बकरियों में पीपीआर रोग के खिलाफ टीकाकारण किया जा रहा है. टीकाकरण बीते 25 फरवरी से किया जा रहा. जो आगामी 11 मार्च तक चलेगी. इस पीपीआर टीकाकरण को लेकर टीकाकर्मी प्रत्येक पंचायत के सभी गांव में जाकर सभी बकरियों का टीकाकरण करेंगे. टीकों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन और आइस बॉक्स की व्यवस्था की गयी है. प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ जितेंद्र कुमार एवं मोबाइल पशु चिकित्सक डॉ राहुल कुमार ने बताया कि बकरियों में पीपीआर रोग बेहद खतरनाक माना जाता है. यह एक अत्यधिक संक्रामक वायरल और जानलेवा रोग है और इसका संक्रमण तेजी से फैलता है साथ ही अन्य स्वस्थ बकरियों को भी अपनी गिरफ्त में ले लेता है. इसे बकरी के प्लेग के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर बकरी पालक किसान सभी बकरियों को पीपीआर का टीका लगवा लेते हैं तो इस गंभीर रोग से वे अगले तीन वर्षों तक के लिए सुरक्षित हो जाती हैं. दूसरी बार उन्हें तीन साल के बाद इसके टीके लगवाने की जरुरत होती है. पीपीआर के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है. लेकिन टीकाकरण प्रभावी है. बोले पशुपालन पदाधिकारी पीपीआर का टीका बकरियों की चमड़ी में दी जाती है. टीकाकर्मियों को गांव में बकरियों के झूंड को इकट्ठा कर वाईल खोलने के दो घंटे के अन्दर अधिकतर टीकाकरण करने के निर्देश दिए गये हैं. साथ ही प्रचार प्रसार के माध्यम से भी पशुपालकों को जागरूक किया जाए. कुल 45 हजार बकरियों की संख्या है. जिसमें लगभग, 6 हजार बकरियों को टीका दिया जा चुका है. डॉ जितेंद्र कुमार, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी
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