किसान ही हमारे भारत के भाग्यविधाता : सांसद

सांसद राजेश शर्मा ने सदन में कृषि और किसान कल्याण संबंधित अनुदानों की मांगों को रखा.

यूपीए सरकार में किसान मजबूर, एनडीए में हुआ मजबूत खगड़िया. सांसद राजेश शर्मा ने सदन में कृषि और किसान कल्याण संबंधित अनुदानों की मांगों को रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार व्यक्त करते हुए सदन में राजेश वर्मा ने कहा कि जब हम राष्ट्रगान की पहली पंक्ति जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता कहते हैं. आखिर वह भाग्यविधाता कौन है. जिनकी मेहनत से 140 करोड़ का देश पलता है. जिसका हल चलता है तो देश की हर समस्या का हल निकलता है. हमारे अन्नदाता किसान हैं. किसान ही हमारे भारत के भाग्यविधाता हैं. राष्ट्र गान के इस पंक्ति को सही मायने में कोई चरितार्थ कर रहा है तो एनडीए सरकार कर रहा है. यशस्वी प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री के सामूहिक प्रयास से कृषि के क्षेत्र में हमारा देश नया आयाम लिख रहा है. हमारा देश तभी आगे बढ़ेगा. जब देश का किसान आगे बढ़ेगा. सांसद ने कहा कि धूप में चलकर जो मुस्कुराता है. हर मौसम में जो फसल उगाता है. वह किसान ही है जो इस देश को चलाता है. यूपीए की सरकार में कृषि का बजट 27 हजार 633 करोड़ रुपये हुआ करता था. अब एनडीए की सरकार में कृषि का बजट 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये है. जो करीब 5 गुना ज्यादा है. यूपीए सरकार में स्वामीनाथन आयोग की लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफे की जो सिफारिश थी. उसे रद्दी में फेंक दिया गया था. एनडीए की सरकार ने 2019 में उस योजना को न सिर्फ स्वीकृत किया, बल्कि उसे लागू करने का भी काम एनडीए की सरकार ने किया.

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By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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