खगड़िया : पसराहा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में बुधवार को किसानों के लिए अल नीनो के प्रभाव और उससे बचाव के उपायों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती की रणनीति अपनाने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की जानकारी दी गई.
केवीके के वरीय वैज्ञानिक एन.के. सिंह ने कहा कि अल नीनो के कारण मानसून में देरी या वर्षा में कमी आने से धान, मक्का और गन्ना जैसी खरीफ फसलों की बुवाई एवं उत्पादन प्रभावित हो सकता है. ऐसे समय में किसानों को मौसम आधारित खेती की योजना बनानी चाहिए.
उन्होंने बताया कि किसान सारथी पोर्टल किसानों के लिए उपयोगी डिजिटल मंच है, जो कृषि विज्ञान केंद्र और किसानों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करता है. इसके माध्यम से किसान मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कम पानी वाली फसलों का चयन, आधुनिक सिंचाई तकनीक का उपयोग और फसल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को कीट नियंत्रण, सूखे की स्थिति में फसल बचाव और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती अपनाने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी. किसानों को विशेषज्ञों से सीधे परामर्श लेने के लिए भी प्रेरित किया गया.
इस अवसर पर वैज्ञानिक जितेंद्र कुमार, उद्यान वैज्ञानिक रूपम रानी, कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक धनंजय पासवान दास, आत्मा गोगरी के अध्यक्ष अरुण कुमार, पंचायत समिति सदस्य जयचंद्र कुमार, पूर्व मुखिया प्रमोद सिंह सहित जिले के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
