नगर पंचायत के वार्ड नंबर 07 स्थित श्रीपुर में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों और फुटकर दुकानदारों का शांतिपूर्ण हवन-यज्ञ मंगलवार को 11वें दिन भी जारी रहा. आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार 11 दिन बीतने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से उनकी मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
महाजाम से मुक्ति के लिए बाईपास की मांग
हवन-यज्ञ स्थल पर मौजूद आयोजक भाजपा के पूर्व बेलदौर मंडल अध्यक्ष मिथिलेश कुमार उर्फ मिठ्ठू, समाजसेवी ओमप्रकाश क्रांति, अर्जुन शर्मा और आजाद कुमार ने कहा कि क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाया जा रहा है. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग बेलदौर बाजार को लगातार लगने वाले महाजाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास सड़क का निर्माण कराना है.
स्थायी बस पड़ाव और हाट स्थल की मांग
आंदोलनकारियों ने खगड़िया जिला मुख्यालय आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बेलदौर में स्थायी बस पड़ाव बनाने की मांग भी उठाई है. उनका कहना है कि व्यवस्थित बस पड़ाव नहीं होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है.
इसके साथ ही फुटकर दुकानदारों के लिए स्थायी हाट स्थल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि स्थायी व्यवस्था नहीं होने से उन्हें कारोबार करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है.
बिजली तार पर कवर लगाने की मांग
बेलदौर बाजार से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के विद्युत तार को लेकर भी आंदोलनकारियों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है. उन्होंने विद्युत तार पर सुरक्षा कवर लगाने की मांग की है, ताकि बाजार क्षेत्र में किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके.
रुक्मिणी स्कूल तक सड़क निर्माण की मांग
पांच सूत्री मांगों में पीडब्ल्यूडी सड़क से एफसीआई गोदाम होते हुए रुक्मिणी स्कूल तक ग्रामीण सड़क का निर्माण भी शामिल है. आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क बनने से आसपास के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा सत्याग्रह
आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी सभी मांगें व्यापक जनहित से जुड़ी हैं. इसके बावजूद अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शांतिपूर्ण हवन-यज्ञ और सत्याग्रह जारी रहेगा.
