बेलदौर के बारूण में कोसी नदी का भीषण कटाव: खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर बह रही नदी

लगातार हो रही मानसूनी बारिश और कोसी बैराज से छोड़े गए पानी के कारण बेलदौर प्रखंड की इतमादी पंचायत अंतर्गत बारूण गांव के समीप कोसी नदी ने भीषण कटाव शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीण संभावित बाढ़ के खतरे से सहमे हुए हैं.

बलतारा गेज पर कोसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान (33.85 मीटर) से 55 सेंटीमीटर ऊपर यानी 34.40 मीटर पर दर्ज किया गया. इतमादी के पंचबीघी में कटाव थमने के बाद अब बारूण गांव के अप स्ट्रीम में तेज धारा के कारण बोल्डर धंसने लगे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ प्रमंडल संख्या-2 सोनवर्षा के अधिकारियों ने कमान संभाल ली है, वहीं ग्रामीणों ने संवेदक (ठेकेदार) पर पांच दिनों से काम छोड़कर फरार होने का गंभीर आरोप लगाया है.

बेलदौर से प्रतिनिधि की रिपोर्ट

खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी, रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण

जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और तेज कटाव ने तटबंध के भीतर बसे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं:

  • तटीय इलाकों में खौफ: बारूण गांव के समीप नदी की तेज धारा सीधी चोट कर रही है. कटाव की भयावह रफ्तार को देखकर ग्रामीण अनहोनी की आशंका में रात-रात भर जागकर (रतजगा) स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
  • अधिकारियों ने लिया जायजा: मंगलवार की दोपहर करीब ढाई बजे सोनवर्षा बाढ़ प्रमंडल के एसडीओ (SDO) मनोज कुमार एवं जेई (JE) नवनीत कुमार फ्लड फाइटिंग टीम के साथ प्रभावित स्थल पर पहुंचे और वरीय अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया.

1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से अगले 3 दिन बेहद संवेदनशील

मौसम और बैराज के इनपुट को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है:

  1. बोल्डर धंसने से बढ़ा खतरा: कनीय अभियंता नवनीत कुमार ने बताया कि इस स्थल पर पूर्व में बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया गया था, लेकिन पानी के अत्यधिक दबाव से बोल्डर नीचे धंस गए हैं.
  2. बैराज का बढ़ा डिस्चार्ज: मंगलवार की सुबह कोसी बैराज से 1 लाख 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इस भारी डिस्चार्ज का सीधा असर अगले तीन दिनों के भीतर बेलदौर के इस डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जिससे खतरा और बढ़ सकता है.

ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप; विभाग का दावा स्थिति नियंत्रण में

कटाव रोधी कार्यों की जमीनी हकीकत को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है:

"इतमादी पंचायत के इस संवेदनशील हिस्से में ठेकेदार पिछले पांच दिनों से काम अधूरा छोड़कर फरार है. हाथीपांव पिचिंग का काम पूरा नहीं किया गया और पूर्व में कराया गया एनसी (Nylon Crates) का कार्य भी नदी की तेज धारा में समा चुका है. अगर समय रहते युद्धस्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, तो कोसी नदी पूरे गांव को अपनी आगोश में ले लेगी. हम प्रशासन से मांग करते हैं कि लापरवाह संवेदक पर कार्रवाई हो और तुरंत सुरक्षा कार्य बहाल किया जाए." — जवाहर शर्मा, मुनेश शर्मा (पंसस) व हिटलर शर्मा (मुखिया), इतमादी पंचायत

दूसरी ओर, विभागीय कनीय अभियंता नवनीत कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों के बीच स्पष्ट किया कि जहां-जहां भी तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई थी, वहां दोबारा नायलॉन क्रेट (NC) पिचिंग कराकर उसे दुरुस्त कर दिया गया है. फ्लड फाइटिंग और सुरक्षा निगरानी टीम 24 घंटे संवेदनशील स्थलों पर कैंप कर रही है.


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