बेलदौर बुनियाद केंद्र में दिव्यांग शिविर पर सवाल, घंटों इंतजार के बाद बिना जांच लौटे लाभार्थी

खगड़िया के बेलदौर में आयोजित दिव्यांग जांच शिविर में अव्यवस्था का आलम रहा. दूर-दराज से आए कई दिव्यांगजन घंटों इंतजार के बाद भी बिना जांच कराए लौट गए. पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए, जिससे स्वास्थ्य विभाग के प्रति असंतोष दिखा.

Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड मुख्यालय स्थित बुनियाद केंद्र में आयोजित दो दिवसीय दिव्यांग जांच एवं प्रमाण पत्र शिविर के दूसरे दिन अव्यवस्था और चिकित्सकों के देर से पहुंचने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई. दूर-दराज के गांवों से आए कई दिव्यांगजन घंटों इंतजार करने के बाद बिना जांच कराए लौट गए. पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति असंतोष देखा गया.

घंटों इंतजार, फिर भी समय पर शुरू नहीं हुई जांच

गुरुवार को शिविर के दूसरे दिन विभिन्न गांवों से एक दर्जन से अधिक दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने और चिकित्सीय जांच कराने पहुंचे थे. कई लोगों ने आवेदन भी जमा किए, लेकिन निर्धारित समय पर चिकित्सक नहीं पहुंचने के कारण जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी.

मौजूद लोगों के अनुसार, लंबे इंतजार के बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से अधिकांश दिव्यांग और उनके परिजन निराश होकर वापस लौट गए.

देर से पहुंची मेडिकल टीम, कुछ लोगों की हुई जांच

स्थानीय लोगों के अनुसार, बाद में चिकित्सकों की टीम शिविर में पहुंची और कुछ दिव्यांगजनों की जांच की गई. टीम ने उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सलाह देने के साथ सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया.

हालांकि कई ऐसे लोग रहे जिन्हें पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी अपेक्षित सेवा नहीं मिल सकी.

पानी और बैठने की व्यवस्था पर भी उठे सवाल

शिविर में मौजूद ग्रामीण संजय शर्मा, रीना देवी, खुशबू कुमारी, खुशी कुमारी, नीरज कुमार और आलोक कुमार ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि केंद्र पर न तो पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही बैठने की समुचित सुविधा.

दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को घंटों असुविधा के बीच इंतजार करना पड़ा, जिससे कई लोगों को शारीरिक परेशानी भी हुई.

दूर-दराज से आए लोगों को हुई आर्थिक और मानसिक परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि कई दिव्यांगजन दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर शिविर में पहुंचे थे. प्रमाण पत्र और चिकित्सीय जांच की उम्मीद लेकर आए लोगों को बिना काम हुए लौटना पड़ा, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी हुई.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की समय पर अनुपस्थिति और प्रशासनिक समन्वय की कमी का सीधा असर गरीब, असहाय और दिव्यांग लोगों पर पड़ रहा है.

Khagaria News: जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसे शिविरों में समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति, पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है.

दिव्यांग प्रमाण पत्र कई सरकारी योजनाओं, पेंशन, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा लाभों से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है. ऐसे में शिविर की अव्यवस्था से प्रभावित लोगों को जरूरी सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है.

Also Read: Bankipur By Election: बांकीपुर में सिर्फ 34.30 प्रतिशत वोटिंग, तेजस्वी बोले- राजद की जीत तय, भाजपा को लेकर क्या बोले

Also Read: Minister Deepak Prakash: अब तक मंत्री कैसे बने हुए हैं दीपक प्रकाश, सुप्रीम कोर्ट का बिहार सरकार से सवाल



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >