गंगा के बढ़ते जलस्तर से अगुवानी घाट पर तेज हुआ कटाव, किसानों और श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता

Aguwani Ghat Ganga Erosion: खगड़िया के परबत्ता स्थित अगुवानी गंगा घाट पर बढ़ते जलस्तर के कारण कटाव तेज हो गया है. घाट का स्थान दो बार बदला जा चुका है, जबकि दर्जनों एकड़ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है.

परबत्ता (खगड़िया) से पलटु झा की रिपोर्ट:

अगुवानी घाट का बदला स्वरूप, स्नान करना हुआ जोखिम भरा

Aguwani Ghat Ganga Erosion: गंगा नदी के जलस्तर में हल्की वृद्धि के साथ ही परबत्ता प्रखंड के तटीय इलाकों में कटाव तेज हो गया है. अगुवानी गंगा घाट पर लगातार हो रहे कटाव से घाट का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान करना भी कठिन हो गया है. वहीं, कटाव का असर आसपास के किसानों की कृषि भूमि पर भी पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, कटाव की वजह से नाव फेरी सेवा और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाए गए घाट का स्थान अब तक दो बार बदला जा चुका है. नदी किनारे की मिट्टी लगातार कटने से घाट तक पहुंचना जोखिम भरा हो गया है. इसके चलते गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी देखी जा रही है.

आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती, स्थिति पर लगातार नजर

हालांकि, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए घाट पर आपदा प्रबंधन दल के जवानों की तैनाती की गई है. टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके.

दर्जनों एकड़ कृषि भूमि गंगा में समाई, किसानों ने लगाई गुहार

उधर, गंगा के बढ़ते कटाव ने तटीय क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नयागांव और डुमरिया बुजुर्ग समेत कई गांवों के किनारे लगातार कटाव हो रहा है. अब तक दर्जनों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है और कटाव का सिलसिला लगातार जारी है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कटाव रोकने के लिए जल्द प्रभावी और स्थायी उपाय किए जाएं, ताकि कृषि भूमि और आबादी वाले क्षेत्रों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.

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Published by: Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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