फोटो है 1 मेंकैप्सन- अस्पताल में विश्राम करते मजदूर मानसी. स्थानीय जंकशन के समीप स्थित रेलवे अस्पताल इन दिनों मजदूरों का रैन बसेरा बना हुआ है. रैंक प्वाइंट के मोटिया मजदूर काम नहीं रहने पर रेलवे अस्पताल में आकर विश्राम करते हैं. अस्पताल के कर्मी द्वारा मना करने पर भी आने ये लोग नहीं मानते हैं. जिस कारण अस्पताल आने जाने वाले लोगों को परेशानी होती है. अस्पताल कर्मी को भी एक कमरे से दूसरे कमरे जाने-आने में परेशानी होती है. मोटिया मजदूर को ज्यादा मना करने पर वे लोग लड़ाई झगड़े पर उतर जाते हैं. जिस कारण अस्पताल कर्मी भी डरे सहमे रहते हैं. इस अस्पताल में महेशखूंट, तिलरथ तक के रेल कर्मी व उनके परिजन इलाज कराने आते हैं. अस्पताल में वर्तमान में चार कर्मी कार्यरत हैं. अस्पताल के चिकित्सक का अनुबंध समाप्त हो गया था. इस कारण मरीजों का आना जाना कम हो गया था. अस्पताल कर्मी के अनुसार जल्द ही चिकित्सक भी योगदान करने वाले हैं. चिकित्सक के योगदान करने के बाद और भी मरीजों की संख्या बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में मोटिया मजदूर के विश्राम करने से अस्पताल के कार्यों में व्यवधान भी होता है. स्थानीय प्रशासन को भी मौखिक रूप मे सूचना दे दी गयी है.
रेलवे अस्पताल बना मजदूरों का रैन बसेरा
फोटो है 1 मेंकैप्सन- अस्पताल में विश्राम करते मजदूर मानसी. स्थानीय जंकशन के समीप स्थित रेलवे अस्पताल इन दिनों मजदूरों का रैन बसेरा बना हुआ है. रैंक प्वाइंट के मोटिया मजदूर काम नहीं रहने पर रेलवे अस्पताल में आकर विश्राम करते हैं. अस्पताल के कर्मी द्वारा मना करने पर भी आने ये लोग नहीं मानते […]
