पीएचसी में जीवन रक्षक दवा नदारद

चौथम. रोगियों को जीवन सुरक्षा देने वाले पीएचसी चौथम में जीवन रक्षक दवा नदारद है. पीएचसी में दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण रोगियों को निजी दवा दुकान से दवा खरीदना पड़ता है. पीएचसी में विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि इस बदलते मौसम में खांसी,बुखार के रोगियों के लिए न तो कफ सिरप […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 18, 2015 9:04 PM

चौथम. रोगियों को जीवन सुरक्षा देने वाले पीएचसी चौथम में जीवन रक्षक दवा नदारद है. पीएचसी में दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण रोगियों को निजी दवा दुकान से दवा खरीदना पड़ता है. पीएचसी में विभागीय उदासीनता का आलम यह है कि इस बदलते मौसम में खांसी,बुखार के रोगियों के लिए न तो कफ सिरप है न ही रोग निरोधक कोई दवा उपलब्ध है. यहां तक कि आपातकालीन स्थिति से रोगियों के बचाव के लिए पर्याप्त दवा सूई तक उपलब्ध नहीं है. जबकि जीवन रक्षक 52 प्रकार की दवा पीएचसी में उपलब्ध रहना किसी भी परिस्थिति में अनिवार्य है. बावजूद पीएचसी में 24 प्रकार की ही दवा उपलब्ध है. दवा के अभाव में आउटडोर सेवा के दौरान डॉक्टरों को मरीजों से खड़ी खोटी सुननी पड़ती है. पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा का आलम यह है कि रोगियों को पैथोलॉजी सुविधा उत्पन्न नहीं है. छह माह पूर्व पैथोलॉजी जांच सुविधा एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध थी. लेकिन विभाग द्वारा निर्धारित राशि आवंटन नहीं किये जाने से जांच सुविधा हटा लिया गया है. स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में रोगियों का रेफर का सिलसिला जारी है. कभी कभी तो रेफर के दौरान राह चलते रोगियों की मौत तक हो जाती है. चिकित्सा प्रभारी डॉ अशोक प्रसाद ने बताया कि विभाग द्वारा जो सुविधा मुहैया किया जाता है. वहीं सेवा देने में सक्षम हैं.