जिलाधिकारी ने ग्राम विकास शिविर के दौरान दिया था परचा दाखिल-खारिज होने के बाद भी है ऐसा हालचौथम. तत्कालीन जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह के द्वारा ग्राम विकास शिविर में सैकड़ों भूमिहीन महादलितों को परचा दिया गया था. कागजी काम को तो पूरे गरम जोशी के साथ निबटाया गया. इन लोगों का दाखिल-खारिज भी बहुत तेजी के साथ कर दिया गया. लेकिन आज तक ये महादलित सरकार द्वारा आवंटित जमीन पर नहीं पहुंच पाये हैं. ऐसे हालात तब भी कायम हैं जबकि जिले में ऑपरेशन भूमि दखल देहानी कार्यक्रम चलाया जा रहा है. कुछ ऐसे ही हालात जिले के अन्य प्रखंडों के भी हैं. सरसवा के शिविर में बांटा गया था परचा विदित हो कि तत्कालीन जिलाधिकारी ने सरसवा पंचायत के सरसवा गांव में आयोजित ग्राम विकास शिविर में बुच्चा पंचायत के गया घाट मुशहरी, बंकोल सहित नवटोलिया मुसहरी के सौ महादलित परिवारों को बसने के लिए बासगीत परचा दिया था. जिलाधिकारी द्वारा वितरित किये गये बासगीत परचा के आधार पर अधिकांश महादलित लाभार्थियों ने परचा का दाखिल खारिज कराया. महादलितों ने बासगीत परचा का मालगुजारी रसीद अदा करते आ रहे हैं. कहते हैं सीओ अंचलाधिकारी रमण प्रसाद वर्मा ने कहा कि ऐसे परचाधारी जो सरकार द्वारा आवंटित भूमि से अभी तक बेदखल हैं. ऐसे लोग अपने परचा के फोटो कॉपी के साथ अंचल में आवेदन जमा कर सकते हैं. उन्हें दखल दिलाया जायेगा.
अपनी जमीन से परचाधारी हैं बेदखल
जिलाधिकारी ने ग्राम विकास शिविर के दौरान दिया था परचा दाखिल-खारिज होने के बाद भी है ऐसा हालचौथम. तत्कालीन जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह के द्वारा ग्राम विकास शिविर में सैकड़ों भूमिहीन महादलितों को परचा दिया गया था. कागजी काम को तो पूरे गरम जोशी के साथ निबटाया गया. इन लोगों का दाखिल-खारिज भी बहुत तेजी […]
