शिव को राम व राम को शिव प्रिय थे : कनकेश्वरी

फोटो है 6 व 7 में कैप्सन- प्रवचन करते प्रवाचिका एवं उपस्थित श्रदालुमानसी. राम को भजने से शिव प्राप्त होते हैं. शिव को राम प्रिय थे. उक्त बातें मानसी रेलवे मैदान में चल रहे संगीतमय राम कथा के चौथे दिन रविवार को प्रवचन के दौरान गुजरात से आई अन्तरराष्ट्रीय प्रवाचिका माता कनकेश्वरी ने कही. उन्होंने […]

फोटो है 6 व 7 में कैप्सन- प्रवचन करते प्रवाचिका एवं उपस्थित श्रदालुमानसी. राम को भजने से शिव प्राप्त होते हैं. शिव को राम प्रिय थे. उक्त बातें मानसी रेलवे मैदान में चल रहे संगीतमय राम कथा के चौथे दिन रविवार को प्रवचन के दौरान गुजरात से आई अन्तरराष्ट्रीय प्रवाचिका माता कनकेश्वरी ने कही. उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने माता भवानी को राम के चरित्र का दर्शन कराते हुए कहा कि शिव को प्राप्त करने के लिए राम नाम भजना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि अगर मोक्ष को प्राप्त करना हो तो रामनाम भजना पड़ेगा. परमात्मा सुख दुख नहीं देता है. सुख दुख अपने कर्मो से मिलता है. किसी भी वस्तु को देखने के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है. गुरु की कृपा के बिना प्रकाश प्राप्त नहीं होता है. इसलिए सच्चे गुरु के शरण में जा कर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए. वहीं उन्होंने कहा कि लोगों को जप-तप के साथ साथ भजन भी करना जरुरी है. प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि भारत के माताओं की चर्चा करते हुए कहा कि भारत की माता भगवान को भी बेटा बना लेती है. प्रवचन के शुरूआत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनके श्रीवास्तव, एसीजीएम बीके मिश्रा एवं जिला विधिक संघ के अघ्यक्ष गजेन्द्र प्रसाद महतो ने व्यास पीठ पर माल्यापर्ण किया. मौके पर पूर्व सांसद रामशरण, विचार मंच के अध्यक्ष विजय कुमार पांडव, सामाजिक कार्यकर्ता बलबीर चांद, दीपक कुमार विद्यार्थी, अशोक पोद्दार, सिकन्दर आजाद, हरिनंदन प्रसाद, आदि उपस्थित थे.

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