राम नाम से जीवन होगा मंगलमय: कनकेश्वरी

फोटो है 23 मेंकैप्सन- प्रवचन सुनते श्रद्धालुप्रतिनिधि, मानसीरामकथा के श्रवण से मनुष्य का संस्कार जागृत होता है. संस्कार जागृत होने से मनुष्य का झुकाव अध्यात्म की ओर होता है. उक्त वाणी माता कनकेश्वरी देवी ने शनिवार को रेलवे मैदान में चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा में कही. उन्होंने कहा कि कथा सुनानेवाला कुछ नया नहीं […]

फोटो है 23 मेंकैप्सन- प्रवचन सुनते श्रद्धालुप्रतिनिधि, मानसीरामकथा के श्रवण से मनुष्य का संस्कार जागृत होता है. संस्कार जागृत होने से मनुष्य का झुकाव अध्यात्म की ओर होता है. उक्त वाणी माता कनकेश्वरी देवी ने शनिवार को रेलवे मैदान में चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा में कही. उन्होंने कहा कि कथा सुनानेवाला कुछ नया नहीं कहता है, बल्कि कहने का तरीका अलग-अलग होता है. जिस तरह हमारा शरीर सोता है उसी तरह हमारा संस्कार भी सो जाता है. इसलिए संस्कार को जागृत रखने के लिए कथा का श्रवण करना चाहिए. जागृत संस्कार मनुष्य को बुरे काम से बचाता है. उन्होंने कहा कि संस्कार को जगाये बिना संशय नहीं होता, संशय के बिना नियम का कोई लाभ नहीं होता. दूसरे का संस्कार आपको कुछ देर तक बांधकर रख सकता है लेकिन अपना संस्कार स्थायी होता है. उन्होंने रामायण की प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि जिस तरह लक्ष्मण द्वारा खींची गयी लक्ष्मण रेखा कुछ देर तक सीता माता को बांधे रखा, जबकि सीता माता द्वारा अशोक वाटिका मे खींचा गया रेखा को रावण भी नहीं लांघ सका. मनुष्यों को दुख सह कर मानवीय मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए. जिस दिन कर्म में मन लगेगा उसी दिन से धर्म मंे भी मन लगना शुरू हो जायेगा. इसलिए मनुष्य को भगवान की कथा का श्रवण करना चाहिए. मौके पर विजय कुमार पांडव, विनय राम, चन्द्रशेखर सिंह, बबलु साह, सिकेन्द्र आजाद , प्रेम कुमार यशवंत, अनिल कुमार व आयोजन समिति के आजाद सिंह, सुभाष सिंह, विनोद कुमार, रंजीत कुमार, संतोष चन्द्रवंशी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >