आइटी असिस्टेंट को सौंपी गयी जिम्मेवारी

प्रतिनिधि, खगडि़याआपका एलपीसी फर्जी है या असली. अब इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है. फर्जी एलपीसी एवं अन्य परेशानियों से निबटने क लिए जिला प्रशासन ने एक नायाब तरीका अपनाया है. एलपीसी के सत्यापन के लिए अब न तो बैंक कर्मियों को अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही आवेदकों का परेशानियों […]

प्रतिनिधि, खगडि़याआपका एलपीसी फर्जी है या असली. अब इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है. फर्जी एलपीसी एवं अन्य परेशानियों से निबटने क लिए जिला प्रशासन ने एक नायाब तरीका अपनाया है. एलपीसी के सत्यापन के लिए अब न तो बैंक कर्मियों को अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही आवेदकों का परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. जानकारी के अनुसार जिले के कई अंचलों में कई बार फर्जी एलपीसी बनाने का मामला सामने आ चुका है. वहीं बैंक कर्मियों का भी असली और नकली एलपीसी की पहचान करने के लिए अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था, किंतु जिला पदाधिकारी राजीव रोशन ने अपने अधीनस्थों का एलपीसी को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं. डीएम ने जिले के सभी प्रखंडों में पदस्थापित आइटी असिस्टेंट को एलपीसी का स्केनिंग कर खगडि़या के वेब साइट पर डालने का आदेश जारी किया है. जिसके आलोक में एलपीसी को खगडि़या के वेबसाइट का डाला जा रहा है . इसको लेकर सभी आइटी असिस्टेंट को प्रशिक्षण भी दिया गया हैं. इधर प्रखंड कार्यालय मानसी में आइटी असिस्टेंट के पद पर पदस्थापित पुरुषोत्तम कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एलपीसी बनने के बाद सभी एलपीसी को खगडि़या के वेबसाइट पर डाला जा रहा है. उनके अनुसार अब मिनटों में फर्जी एलपीसी की पहचान की जा सकती है. उन्होंने बताया कि बैंककर्मी या आवेदन खगडि़या के वेबसाइट पर निर्गत संख्या या आवेदक अपना नाम डाल कर एलपीसी का सत्यापन कर सकते हैं.

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