छह माह बीत गये, आधी से भी कम हुई ऋण वितरित

फोटो है 1 व 2 में कैप्सन : बैठक करते अधिकारी व उपस्थित अधिकारीडीएम ने की ऋण वितरण की समीक्षा प्रतिनिधि, खगडि़यावित्तीय वर्ष 14-15 में छह माह बीत जाने के बावजूद आधा से भी कम ऋण का वितरण हुआ है. जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शेष बचे अवधि में ऋण वितरण करने […]

फोटो है 1 व 2 में कैप्सन : बैठक करते अधिकारी व उपस्थित अधिकारीडीएम ने की ऋण वितरण की समीक्षा प्रतिनिधि, खगडि़यावित्तीय वर्ष 14-15 में छह माह बीत जाने के बावजूद आधा से भी कम ऋण का वितरण हुआ है. जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शेष बचे अवधि में ऋण वितरण करने का निर्देश दिया है. सोमवार को समाहरणालय के सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. इसमें डीएम ने 30 दिसंबर तक विभिन्न बैंकों द्वारा किये गये ऋण वितरण की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान यह बातें सामने आयी कि जिले का एसीपी 32 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है. यानी कुल ऋण वितरण लक्ष्य के विरुद्ध 32 प्रतिशत ऋण का वितरण हुआ है. ऋण वितरण में कुछ बैंकों की उपलब्धि काफी खराब है. जिस पर डीएम ने शिविर लगा कर ऋण वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया है. केसीसी वितरण में भी जिले की उपलब्धि वही रही है. बैठक में डीएम ने सभी बैंकों को पारदर्शिता के साथ किसानों व जरुरतमंदों को आसानी से ऋण देने को कहा है. मौके पर प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत विभिन्न बैंकों द्वारा खोले गये खाते की समीक्षा की गयी. डीएम ने बैंक खाते से वंचित विभिन्न परिवार के कम से कम एक सदस्य का खाता खोलने का निर्देश दिया है. बैठक में बैंकिंग उपसमाहर्ता संजीव कुमार चौधरी, एलडीएम सजल चटराज, नाबार्ड के डीडीएम अनिल रजक, बीजीबी के जिला समन्वयक आरएस जैन, शाखा प्रबंधक जीएन चौबे, बीके शर्मा के अलावा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि व प्रबंधक मौजूद थे.

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