फोटो 15 मेंकैप्सन: सफाई करते बाबाप्रतिनिधि, बेलदौरअपने काम को ही पहचान बनाने के धुन मे लगे जीवट गुरु बाबा ने ग्रामीणों के बीच स्वच्छता अभियान के नायक बन गये हैं. अहले सुबह उठ कर बगैर सहयोगियों की प्रतीक्षा किये बाबा हाथ में झाड़ू लेकर सड़क पर निकल पड़ते हैं. अकेले ही अपने काम में मशगूल सड़कों की सफाई कर कूड़े-कचरे को अपने हाथ से उठाकर गड्ढे में फेंक आते हैं. इनके कार्यों को देख कूड़े फेंकने वाले अब परहेज करने लगे हैं. बाबा किसी से कुछ बोलते नहीं. बस सड़कों पर पड़े कूड़े को उठाकर सफाई कर देते हैं. इनके कार्य ही ग्रामीणों को सफाई के प्रति जागरूक कर रही है. सुबह-शाम सड़कों की सफाई गुरु बाबा की दिनचर्या बन गयी है. सफाई के बाद सड़क को पानी से धुलाई भी करते हैं. जब लोग सड़कों से गुजरते हैं, तो बरबस मुंह से बाबा की तारीफ निकल पड़ती है. लेकिन तारीफ एवं मीडिया के कवरेज से बेपरवाह बाबा अपने कार्य को ही पहचान का मूल-मंत्र बताते हैं. उन्होंने बताया कि उपदेश से अधिक काम लोगों को प्रेरित करती है. स्वच्छता को अपने दिनचर्या में शुमार कर धरती पर स्वर्ग उतारा जा सकता है. अंतिम सांस तक स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहना ही जीने का उद्देश्य है. बाबा के पहल से अति व्यस्त बाजार शिव मंदिर से शीश महल तक एवं दुर्गा मंदिर पथ की सूरत बदल गयी है. कचरे का ढेर लगे बाजार अब चकाचक रहने लगी है. लोग साफ-सुथरी सड़क पर अब कूड़े-कचरे फेंकने से परहेज करने लगे हैं. अपने जीवटता से बाबा स्वच्छता अभियान के नायक बनते जा रहे हैं.
जीवट गुरु बाबा बने स्वच्छता अभियान के नायक
फोटो 15 मेंकैप्सन: सफाई करते बाबाप्रतिनिधि, बेलदौरअपने काम को ही पहचान बनाने के धुन मे लगे जीवट गुरु बाबा ने ग्रामीणों के बीच स्वच्छता अभियान के नायक बन गये हैं. अहले सुबह उठ कर बगैर सहयोगियों की प्रतीक्षा किये बाबा हाथ में झाड़ू लेकर सड़क पर निकल पड़ते हैं. अकेले ही अपने काम में मशगूल […]
