सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में 23 नामजद व 90 अज्ञात पर प्राथमिकी
परबत्ता : लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत दिये गये फैसले के अनुपालन के लिये पहुंचे परबत्ता सीओ सहित पुलिस बल को ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. विरोध ऐसा कि पुलिस के साथ पहुंचे परबत्ता सीओ डॉ कुंदन को बैरंग वापस लौटना पड़ा. लिहाजा, लोक शिकायत अधिनियम के तहत पारित आदेश का अनुपालन नहीं हो पाया. सड़क तोड़ने के लिये पहुंचे बुलडोजर के सामने महिलाएं खड़ी हो गयीं. इधर, अंचलाधिकारी (सीओ) ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए 23 नामजद एवं लगभग 80 -90 अज्ञात ग्रामीणों पर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. थानाध्यक्ष गुंजन कुमार ने प्राथमिकी की पुष्टि की है. फिलहाल पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.
ये है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक आवेदक मनीष कुमार ने जिलाधिकारी सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार में वाद संख्या 521210125051700795/2A में मौजा दरियापुर भेलवा पंचायत के वार्ड नंबर 9 में रैयती जमीन पर ग्रामीणों ने जबरन सड़क बना दिया. इसको लेकर जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में अपील किया गया था. जिसमें प्राधिकार के आदेशों का पालन करने के लिये सीओ डा कुन्दन सशस्त्र बल व जेसीबी के साथ मंगलवार दोपहर दरियापुर भेलवा पंचायत के वार्ड नंबर 9 में पहुंचे. प्रशासनिक अमला के पहुंचते ही ग्रामीण नवनिर्मित सड़क हटाने का जोरदार विरोध करने लगे.
रैयती जमीन पर सड़क बनाने की शिकायत
चौदहवीं वित्त आयोग मद की योजना से वर्ष 17/18 में ग्राम पंचायत के अनुशंसा पर दरियापुर भेलवा वार्ड नंबर नौ में हरिजन टोला से लेकर दुर्गा स्थान तक जाने वाली मुख्य मार्ग तक मिट्टी भराई एवं ईंट सोलिंग का कार्य कराया गया था. आवेदक ने रैयती जमीन पर सड़क बनाने की शिकायत व दावा प्रस्तुत करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में गुहार लगाया था.
कहते हैं ग्रामीण
इधर ग्रामीणों ने बताया कि सैकड़ों महादलित परिवार के गांव की मुख्य सड़क पर पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है. जिसका वर्षों से इस्तेमाल करते आ रहे हैं. ऐसे में इसे कैसे हटाने देंगे. लोगों का कहना था कि प्रशासन पहले रास्ता बनाये फिर बनायी गयी सड़क को हटाने के लिये आये.
सीओ के समझाने के बाद भी नहीं माने ग्रामीण
सीओ ने बताया कि इस दौरान ग्रामीणों को समझने का काफी प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण नहीं माने. ऐसे में सरकारी कार्य में रुकावट डालने वाले लोगों की पहचान कर ज्ञात एवं अज्ञात प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
