केंद्र सरकार की योजना के तहत चयनित 13 जिलों में खगड़िया भी शामिल
खुलेगा रिसर्च सेंटर
प्रोजेक्टर के जरिये छात्र-छात्राओं को मिलेगी तकनीकी जानकारी
खगड़िया : अब फरकिया के बच्चे भी वैज्ञानिक बनने के गुर सीखेंगे. नये-नये अविष्कारों, तकनीकों की जानकारी ले सकेंगे. जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने अटल टेकिंग लैब खोलने की स्वीकृति प्रदान की है.
यह लैब राज्य के 13 पिछड़े जिलों में खोलने की मंजूरी दी गयी है. अच्छी खबर यह है कि इन जिलों में खगड़िया भी शामिल है, जहां ये लैब खुलेंगे और बच्चे तकनीकी ज्ञान प्राप्त करेंगे.
रानीसकरपुरा विद्यालय का हुआ चयन: जिले में अटल टेकिंग लैब के लिए अवध नारायण इंटर विद्यालय रानीसकरपुरा को चयनित किया गया है. जहां लैब खुलेगा. उच्च स्तर से आयी टीम भी इस इंटर विद्यालय का दौरा कर चुकी है. जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इस विघालय परिसर में अतिरिक्त भवन बनाये गये थे. लैब बनाने के लिए इसी हॉल को चिह्नित किया गया है. हॉल को लैब/रिसर्च सेंटर में तब्दील करने के लिए 12 लाख रुपये भी दिये गये हैं. बताया जाता है कि पूरा लैब वातानुकूलित रहेगा. लैब का डिजाइन भी विद्यालय के प्रधान को दिया गया है.
दिल्ली, बेंगलुरु से जुड़ेगा लैब
इन्टर विद्यालय रानीसकरपुरा में बनने वाले लैब/रिसर्च सेंटर को जुड़ाव सीधा बेंगलुरु व दिल्ली में स्थित वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र से रहेगा. पहले बच्चे जिन वैज्ञानिक का नाम सिर्फ सुनते थे उनसे अब सीधे रूबरू होंगे. बात करेंगे और ज्ञान प्राप्त करेंगे. विद्यालय में आने वाले चयनित छात्र-छात्राओं को प्रोजेक्टर के जरिये अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक तकनीकी ज्ञान, नये-नये अविष्कारों तथा उन्हें वैज्ञानिक बनने के गुर सिखाये जायेंगे. छात्रों को छोटे-मोटे तकनीकी उपकरण बनाने की भी जानकारी दी जायेगी.
सभी विद्यालयों के छात्र होंगे शामिल
हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने छात्रों को एक साथ तकनीकी ज्ञान दिया जायेगा. चयनित भवन के अलावे भी भवन खोजने को कहा गया है, ताकि और अधिक बच्चों को इसका लाभ दिया जा सके. विद्यालय प्रधान की मानें तो जिले के सभी उच्च व इंटर विद्यालय के 2 से 3 मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया जाना है.
मार्च तक शुरू होगा लैब
अटल टेकिंग लैब खोलने के लिए अवध नारायण इंटर विद्यालय रानी सकरपुरा का चयन किया गया है. विद्यालय में स्थित अतिरिक्त भवन को लैब बनाया गया है. लैब का निर्माण कराने वाली एजेंसी को राशि मिलेगी. उम्मीद है कि मार्च के अंत का इस लैब का शुभारंभ हो जायेगा, जहां बच्चे वैज्ञानिक बनने के गुर सिखेंगे.
सूर्य नारायण यादव , प्रधानाध्यापक
