खगड़िया : जिले में पदाधिकारियों का घोर अभाव है. कई विभाग का कामकाज तो वर्षों से प्रभारी पदाधिकारी के भरोसे चल रहा है. कुछ पदाधिकारी आये भी हैं लेकिन कुछ का स्थानांतरण होने के बाद भी उनके जगह नये पदाधिकारी की तैनाती नहीं की गयी है. हाल के दिनों में जिला पंचायती राज पदाधिकारी का स्थानांतरण हुआ है.
लेकिन इनकी जगह नई तैनाती नहीं की गयी है. कई माह पूर्व डीएसओ भी स्थानांतरित हो जा चुके है. लेकिन राज्य स्तर से यहां डीएसओ को नहीं भेजा गया है. एडीएम का स्थानांतरण लगभग दो वर्ष हो चुका है. लेकिन यह पद भी प्रभार के भरोसे ही चल रहा है. हालांकि एक दो माह पूर्व डीडीसी को राज्य स्तर से शक्ति प्रदत की गयी है. सदर डीसीएलआरओ का कामकाज भी कई माह से एसडीओ देख रहे थे. लेकिन यहां दो माह पूर्व अब नए पदाधिकारी ने योगदान कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हुए है. जिसका प्रभार दूसरे पदाधिकारी के पास है. जिनके पास ये सभी प्रभार है वे भी प्रभार के बोझ तले दबे हैं. पदाधिकारी की कमी के कारण कई अवसरों पर इनका घर जाना भी मुश्किल हो जाता है. दुर्गा पूजा, दिपावली, छठ जैसे अवसरों पर भी इन्हें दंडाधिकारी के रूप में डयूटी निभानी पड़ रही है. मजबूरी यह है कि इन्हें पदाधिकारियों की कमी के कारण छुट्टी की स्वीकृति नहीं मिल पाती. अगर ये भी चले गए तो विधि व्यवस्था की जिम्मेवारी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी.
