ओबीसी छात्रावास पर जवानों ने जमाया कब्जा

खगड़िया : पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये सरकार द्वारा अत्याधुनिक छात्रावास का निर्माण कराया गया. लेकिन छात्रावास में छात्र के बदले कॉलेज कर्मी व पुलिस जवान रह रहें हैं. पिछड़ा वर्ग के छात्र शहर में किराया देकर रह रहे हैं. लेकिन पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए बनाये गये न्यू छात्रावास में बीते सात […]

खगड़िया : पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये सरकार द्वारा अत्याधुनिक छात्रावास का निर्माण कराया गया. लेकिन छात्रावास में छात्र के बदले कॉलेज कर्मी व पुलिस जवान रह रहें हैं. पिछड़ा वर्ग के छात्र शहर में किराया देकर रह रहे हैं. लेकिन पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए बनाये गये न्यू छात्रावास में बीते सात वर्ष से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चल रहा है.

इतना ही नहीं उक्त संस्थान के कुछ भाग में सैफ के जवान रह रहे हैं. यही कारण है कि फरकिया के केमब्रिज नाम से प्रसिद्ध कोशी महाविद्यालय में छात्र नामांकन लेने में रूची नहीं दिखा रहे हैं. महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ रामपूजन सिंह द्वारा लगातार छात्रों से नामांकन लेने की अपील की जाती रही है. लेकिन छात्रों की उपस्थिति कम होती जा रही है.

सात वर्ष से चल रहा कॉलेज
कोशी महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बनाये गये पिछड़ा वर्ग छात्रावास का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था. करोड़ों की लागत से निर्मित छात्रावास में बीते वर्ष 2011 से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चल रहा है. छात्रावास अब जर्जर होने लगा है. छात्रावास को खाली कराने कि मांग को लेकर कई बार आंदाेलन किया गया.
तीन वर्ष पहले आया है खाली कराने का आदेश
छात्रावास से आईटीआई कॉलेज को हटाने का आदेश तीन वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को दिया है. डीएम ने सीओ को छात्रावास खाली कराने का आदेश दिया था. लेकिन डीएम ने सीओ को कहा कि आईटीआई कॉलेज के लिए अविलंब जमीन उपलब्ध कराये. जो अब तक नहीं हो पाया है. आईटीआई महाविद्यालय के प्राचार्य रामेश्वर महतो ने बताया कि जिला प्रशासन से आदेश मिलने के बाद भवन को खाली कर दिया जायेगा. कॉलेज के लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता है. लेकिन पांच कमरे में कॉलेज चल रहा है. यही कारण है कि छात्रों को प्रैक्टिकल नहीं कराया जा रहा है. जिला कल्याण पदाधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि जल्द ही आईटीआई कॉलेज को जमीन मुहैया करवा कर नया भवन बनाया जायेगा. कॉलेज की जमीन की तलाश के लिए अंचलाधिकारी को कहा गया है.

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