अभियान. दहेज व बाल विवाह के खिलाफ निकाली गयी रैली
राज्यव्यापी अभियान के तहत सोमवार को शहर से लेकर गांव में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरोध में रैलियां निकाली गयी. सीएम से लेकर सेविका तक ने दहेज नहीं लेने की शपथ ली और वर्षों से चली आ रही इस सामाजिक कुरीति के विरुद्ध अभियान की शुरुआत की.
खगड़िया : दो अक्तूबर को राज्य में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया गया. जिसका आगाज सीएम नीतीश कुमार ने स्वयं किया. सीएम से लेकर सेविका तक ने दहेज नहीं लेने की शपथ ली और वर्षों से चली आ रही इस सामाजिक कुरीति के विरुद्ध अभियान की शुरुआत की. एक साथ सीएम से लेकर राज्य सरकार के कई मंत्री,
कई राज्यस्तरीय पदाधिकारी, जिले के वरीय पदाधिकारी से लेकर आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका सहायिका ने वाल विवाह एवं दहेज प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकने की कसम खाई. मुख्य कार्यक्रम समाहरणालय सभागार में हुआ. जहां डीडीसी अब्दुल बहाव अंसारी की अध्यक्षता में सौ से अधिक अलग अलग विभागों के पदाधिकारी/कर्मी एवं केन्द्रों के सेविका सहायिका सहित स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे. शपथ ग्रहण के पूर्व सीएम ने करीब एक घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेन्स कर लोगों को संबोधित किया.
इस अवसर पर सदर एसडीओ अमित कुमार पाण्डेय, डीएलओ दिनेश कुमार, वरीय उपसामाहर्ता प्रियंका कुमारी, मुकेश कुमार सिन्हा, डीटीओ पुरूषोत्तम, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजीव चौधरी सहित सदर बीडीओ रविरंजन, सीओ नौशाद आलम व स्वास्थ्य व अन्य विभाग के पदाधिकारी, कर्मी, कई आंगनबाड़ी केन्द्रों के सेविका, सहायिका, एएनएम आदि मौजूद थे.
निकाली गयी रैली : राज्यव्यापी अभियान के तहत सोमवार को शहर में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरोध में रैलियां भी निकाली गयी. सदर प्रखंड कार्यालय से बीडीओ रविरंजन के नेतृत्व में जन जागरूकता रैली निकाली गयी. रैली में पीएचसी प्रभारी सहित कई सेविका,सहायिका व स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया. रैली के पूर्व इन लोगों के दहेज न लेने व देने तथा बाल विवाह जैसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की कसम भी खाई. विद्यालयों, विभिन्न थानों के साथ साथ पंचायत स्तर पर भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित हुए.
विद्यालयों में जहां शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, शिक्षक व छात्र छात्राओं ने इस सामाजिक कुरीति के विरोध में शपथ ली. वहीं थानों में थानाध्यक्ष के अलावे वहां तैनात सभी पुलिस बल ने कसम खाई पंचायत स्तर पर पंचायत कर्मी मुखिया अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावे आम लोगों ने इस अभियान को सफल बनाने एवं दहेज प्रथा व बाल विवाह को समाप्त करने का
संकल्प लिया.
